लोगों में एक बार फिर से समाया लॉकडाउन का डर!
“भारत में फिर से लॉकडाउन” जैसे सवाल हो रहे हैं सर्च में ?
मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण भारत में संकट के बादल !
महंगा हुआ तेल, गैस, ईंधन सामान… कैसे करेंगे सामना?
“भारत में फिर से लॉकडाउन”, “क्या भारत में लॉकडाउन वापस आ रहा है?” क्या एक बार फिर से भारत में लॉकडाउन लगने वाला है? ये सिर्फ मेरा सवाल नहीं बल्कि हिंदुस्तान में रहने वाले हर एक नागरिक का है, जो इन दिनों इंटरनेट पर खूब सर्च कर रहे हैं। और आज हम इन्हीं सारे सवालों का जवाब देंगे कि क्या वाकई में एक बार फिर से सब कुछ कैद हो जाएगा या फिर ये केवल लोगों का वहम है।
बता दें कि जबसे मिडिल ईस्ट के हालात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पहले भी कोविड काल के दौरान बड़ी मुसीबतों का सामना किया है और कठिन समय में राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने नागरिकों से “तैयार और एकजुट रहने” की अपील की।
बता दें कि 2020 में जब लॉकडाउन लगा था, तब महामारी से बचने के लिए लगाया गया था, ताकि लोग घर में रहकर खुद सुरक्षित रहें और दूसरों तक भी महामारी ना फैलाएं।
लेकिन अभी के समय में मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में LPG गैस और कच्चे तेल की किल्लत छाई हुई है, जिससे महंगाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जबसे स्ट्रेट ऑफ हार्मुज़ का रास्ता बंद हुआ है, तबसे जहाजों की आवाजाही में परेशानी हो रही है। क्योंकि ईंधन महंगा होने से टिकट्स भी महंगी हो गई हैं। इतना ही नहीं, युद्ध की वजह से जहाजों के रूट्स घुमावदार यानी लंबे हो गए हैं, जिससे ईंधन की खपत ज्यादा हो रही है।
वहीं, भारत में खाने-पीने की चीजों सहित ट्रांसपोर्ट भी महंगा होता जा रहा है। हालांकि, भारत के पास लेट भंडारण 9–10 दिनों तक का है, जो आपातकाल में स्थिति को नियंत्रण में रख सकता है।
यानि जो लॉकडाउन की बातें चल रही हैं, वो लगभग ना के बराबर हैं। भले ही महंगाई और तेल की कमी के कारण लोगों के रहन-सहन और आवाजाही में धीमापन आ सकता है, लेकिन पूरी तरह से लॉकडाउन लगना लगभग असंभव है।
