उत्तराखंड | Pushkar Singh Dhami ने उत्तराखंड के समग्र विकास, राहत और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ₹53.56 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट से राज्य के विभिन्न जिलों में शहरी यातायात सुधार, ग्रामीण विद्युतीकरण, आपदा राहत और आधुनिक तकनीकी ढांचे को बढ़ावा मिलेगा।सबसे बड़ी राशि देहरादून के लिए स्वीकृत की गई है, जहाँ सिटी मोबिलिटी प्लान के तहत ₹33.45 करोड़ खर्च किए जाएंगे। राजधानी में बढ़ती जनसंख्या और वाहनों के दबाव के कारण यातायात एक बड़ी समस्या बन चुकी है। इस योजना के लागू होने से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा और नागरिकों को दैनिक आवागमन में राहत मिलेगी।
इसके अलावा, राज्य कर विभाग के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल फोरेंसिक लैब की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह लैब National Forensic Sciences University के सहयोग से बनाई जाएगी, जिसके लिए ₹11.27 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। यह पहल कर चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाएगी।चमोली जिले में 2025 में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹2 करोड़ की अतिरिक्त सहायता दी गई है। इस आपदा में 85 घर नष्ट हो गए थे और 17 लोगों की मृत्यु हुई थी। यह राहत राशि पीड़ित परिवारों को सहारा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
चम्पावत जिले के 74 दूरस्थ गाँवों में बिजली पहुंचाने के लिए ₹5 करोड़ की मंजूरी दी गई है। साथ ही एक ग्रामीण सड़क निर्माण के लिए ₹60.20 लाख भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे ग्रामीण जीवन आसान होगा।अल्मोड़ा जिले में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 200 बिजली के पोल लगाने हेतु ₹46.01 लाख और एक स्मारक द्वार के निर्माण के लिए ₹41.07 लाख स्वीकृत किए गए हैं।इसके साथ ही, सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक सेवानिवृत्त वन अधिकारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभियोजन की मंजूरी दी है। यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति गंभीर है
