बरेली में भीषण गर्मी से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने तीन दिनों के लिए गर्मी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गर्म हवा चलने और उमस बढ़ने का अनुमान है। सोमवार को सुबह से ही गर्मी और उमस होने लगी है।
मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार के मुताबिक, मई के आखिरी सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है। इससे सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं। इस दौरान लोगों को बेतहाशा तपिश का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यह स्थिति प्राकृतिक संतुलन के लिए जरूरी है। इस तपिश से आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति का अनुमान लगाया जाता है। क्योंकि गर्मी से समुद्र और भूमि से वाष्पित नमी बादल के निर्माण में सहायक होती है।
उन्होंने कहा कि कोई पश्चिम विक्षोभ अभी सक्रिय नहीं है। निम्न वायुदाब का क्षेत्र बनने पर बादल मंडराने के आसार हैं। शनिवार को बादलों के प्रवेश से लुढ़का पारा रविवार को आसमान साफ होने और तेज धूप से फिर चढ़ा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाम सात बजे के बाद हल्की राहत मिली। न्यूनतम पारा 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 75 फीसदी रही।
डिहाइड्रेशन से बिगड़ रही तबीयत, उल्टी-दस्त के मरीज बढ़े
भीषण गर्मी के दौरान पानी पीने में बेपरवाही से डिहाइड्रेशन और उल्टी, दस्त के मामले बढ़े हैं। रविवार को आरोग्य मेलों में इलाज के लिए पहुंचे 36 सौ मरीजों में ज्यादातर मेडिसिन संबंधी रहे। यूपीएचसी कालीबाड़ी की चिकित्साधिकारी डॉ. मीनू सिंह के मुताबिक, ओपीडी में आए 40 मरीजों में 22 मौसमी बीमारियों की चपेट में रहे। उन्हें दवा के साथ गर्मी से बचाव और खूब पानी पीने का सुझाव दिया है।
बचाव के उपाय
दोपहर में ज्यादा देर धूप में न रहें। ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
सिर को कपड़े, टोपी, छाते से ढंकें। ओआरएस, तरल पदार्थ ज्यादा पियें।
धूप में श्रम वाले कार्य न करें। खेती, खनन व अन्य कार्य सुबह-शाम करें।
शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचें। ताजा खाना खाएं।
बच्चों, पालतू पशुओं को वाहन में न छोड़ें। दोपहर 12 से तीन बजे तक छांव में रहें।
तबीयत बिगड़े तो खुद से दवा न लें। डॉक्टर के परामर्श पर दवा खाएं।
