मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कार्यालय जाने हेतु किया ई-रिक्शा का उपयोग

सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोलियम रहित अथवा न्यूनतम ईंधन खपत वाले साधनों का उपयोग के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कार्यालय आने-जाने के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग किया
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सभी नागरिक यथासंभव न्यूनतम ईंधन खपत वाले साधनों का प्रयोग करें
सुरेश कुमार खन्ना

उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज अपने साप्ताहिक संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा स्थित अपने कार्यालय आने-जाने के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों तथा खाड़ी देशों में जारी अस्थिरता के बीच ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोलियम ईंधनों की बचत की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा ईंधन की खपत कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा वैकल्पिक एवं स्वच्छ परिवहन साधनों को अपनाने का आह्वान किया गया है। उसी भावना के अनुरूप उन्होंने सप्ताह में कम से कम एक दिन पेट्रोलियम ईंधन रहित अथवा न्यूनतम ईंधन खपत वाले साधनों का उपयोग करने का संकल्प लिया है।
उन्होंने बताया कि आज वह ई-रिक्शा से अपने सरकारी आवास से विधानसभा कार्यालय पहुंचे तथा कार्यालय से आवास आने-जाने में भी ई-रिक्शा का ही उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है।
सुरेश कुमार खन्ना ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सभी नागरिक यथासंभव न्यूनतम ईंधन खपत वाले साधनों का प्रयोग करें। छोटी दूरी की यात्राओं के लिए साइकिल, ई-रिक्शा, सार्वजनिक परिवहन अथवा अन्य वैकल्पिक साधनों को प्राथमिकता देकर न केवल पेट्रोलियम ईंधनों की बचत की जा सकती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय हित में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
सुरेश कुमार खन्ना लगभग एक माह से अपने संकल्प को निरंतर मूर्त रूप दे रहे हैं। इस अवधि में उन्होंने कभी साइकिल तो कभी ई-रिक्शा का प्रयोग कर जनसामान्य को ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक सप्ताह में एक दिन भी ईंधन की खपत कम करने का प्रयास करे तो यह राष्ट्रहित में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा।




