काकोरी शहीद स्थल से अटेवा का अभियान शुरू, सरकार पर बढ़ा दबा ।
लखनऊ ।काकोरी स्थल पर शहीदों को नमन कर शुरू हुई जनजागरण यात्रा, सरकार से की गई पुरानी पेंशन बहाली ,निजीकरण की समाप्ति और TET की अनिवार्यता की समाप्ति की मांग-विजय कुमार बन्धु।
अटेवा द्वारा पुरानी पेंशन की बहाली,निजीकरण की समाप्ति, TET की अनिवार्यता की समाप्ति के लिए अटेवा पेंशन बचाओ मंच द्वारा जनजागरण यात्रा की शुरुआत काकोरी शहीद स्थल से शहीदों को नमन कर शुरू हुई। जनजागरण यात्रा की शुरुआत अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने शहीदों को नमन कर पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विजय कुमार बन्धु ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से सरकार से पुरानी पेंशन बहाली , निजीकरण की समाप्ति और TET की अनिवार्यता की मांग की जाएगी और जब तक सरकार पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण की समाप्ति और TET की अनिवार्यता समाप्त नहीं की जाएगी तब संघर्ष किया जाएगा।
प्रदेश महामंत्री डॉ नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि TET के कारण शिक्षकों की नींद गायब हो गई है आज एक तरफ शिक्षक दिन में जनगणना कर रहा है वही दूसरी ओर वह बुढ़ापे में रात में TET की पढ़ाई कर रहा है यह शिक्षकों के साथ अन्याय है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार व पी0जी0आई0 नर्सिंग संघ की अध्यक्ष लता सचान ने कहा कि बढ़ते निजीकरण से आम जनता का भारी नुकसान हो रहा है। इसलिए सरकार निजीकरण समाप्त करे। किसान यूनियन दशहरी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि अटेवा द्वारा पुरानी पेंशन बहाली ,निजीकरण की समाप्ति और TET की अनिवार्यता की लड़ाई लड़ी जा रही है वह किसानों, नौजवानों की लड़ाई है। इस लड़ाई में किसान यूनियन अटेवा के साथ है। उत्तर प्रदेश ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता रामेन्द्र श्रीवास्तव और शिक्षा मित्र संघ के महामंत्री सुशील यादव ने कहा कि अटेवा द्वारा पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण की समाप्ति और TET की समाप्ति के लिए जो यात्रा निकाली जा रही है उससे देश के शिक्षकों और कर्मचारियों को बहुत उम्मीदें है।
जनजागरण यात्रा में प्रमुख रूप से डॉ रमेश चंद्र त्रिपाठी,पंकज गुप्ता, चंद्रहास सिंह, डॉ राजेश कुमार, आलोक ,प्रदीप यादव, हरिशंकर राठौर,श्रवण सचान, दिनकर कपूर, रजत प्रकाश,चंदन सिंह,वेद प्रकाश,विवेक कुमार, देवेंद्र सिंह, निधान सिंह ,विजय काकोरी , राकेश कुमार वर्मा, सुनील वर्मा, समेत कई अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
