– राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में 20 जनपदों के एसआरजी सदस्य और डायट मेंटर्स ले रहे भाग
– प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स आगे जिला और ब्लॉक स्तर पर हजारों शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण
– आधारभूत साक्षरता, गणितीय दक्षता और गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष फोकस
– दीक्षा और निपुण टीचर ऐप जैसे डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी दिया जा रहा प्रशिक्षण
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए शिक्षकों के क्षमता संवर्धन की मजबूत शृंखला तैयार कर रही है। इसी क्रम में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के लिए पांच दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरा चरण सोमवार से प्रारंभ हो गया।
राज्य स्तर पर आयोजित इस प्रशिक्षण में सहभागी जनपदों से चयनित राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) सदस्यों और डायट मेंटर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो आगे जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण का नेतृत्व करते हुए लाखों शिक्षकों तक निपुण भारत मिशन की अवधारणाओं, नवीन शिक्षण पद्धतियों और अधिगम सुधार की रणनीतियों को पहुंचाएंगे।
यह प्रशिक्षण निपुण भारत मिशन के अंतर्गत संचालित राज्यव्यापी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की दूसरी कड़ी है। प्रशिक्षण का पहला चरण 16 से 20 मई के बीच सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। इसके बाद जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के लिए दो और चरण आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश भर में एक सुदृढ़ शैक्षणिक प्रशिक्षण तंत्र विकसित किया जा सके।
वर्तमान बैच में प्रदेश के 20 जनपदों के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रत्येक सहभागी जनपद से दो राज्य संसाधन समूह (एसआरजी) सदस्य और दो डायट मेंटर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स की जिम्मेदारी आगे जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करना होगी, ताकि निपुण भारत मिशन की रणनीतियां और शिक्षण पद्धतियां प्रभावी ढंग से विद्यालय स्तर तक पहुंच सकें।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आधारभूत भाषा एवं गणितीय दक्षताओं के विकास के लिए प्रभावी कक्षा-कक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत दक्षता आधारित शिक्षण पद्धति, गतिविधि आधारित शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाएं, प्रिंट-समृद्ध शैक्षणिक सामग्री और टीएलएम के उपयोग, कक्षा मूल्यांकन की प्रभावी रणनीतियों तथा दीक्षा, कैच-अप शिक्षण एवं रीडिंग कैंपेन जैसे कार्यक्रम पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डिजिटल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष बल है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरी तरह सहभागितापूर्ण और व्यावहारिक स्वरूप में तैयार किया गया है। इसमें प्रदर्शन, चिंतन, सहकर्मी अधिगम, समूह चर्चा और कक्षा में प्रत्यक्ष उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण के दौरान विकसित शैक्षणिक समझ और कौशल सीधे शिक्षण व्यवहार में परिलक्षित हों तथा विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन को मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। विद्यालय कायाकल्प, बाल वाटिका, डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार, शिक्षक क्षमता संवर्धन और अधिगम गुणवत्ता सुधार जैसे प्रयासों के साथ सरकार बुनियादी शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करने में जुटी है।
