तपती गर्मी के बाद जब बारिश की पहली बूंदें सूखी धरती पर गिरती हैं, तो मिट्टी से आने वाली वह सोंधी खुशबू सीधा दिल को सुकून पहुंचाती है। हम सभी को यह महक बहुत पसंद होती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह खुशबू आखिर आती कहां से है? आपको जानकर हैरानी होगी कि यह सिर्फ एक सुखद अहसास नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बेहद रोचक वैज्ञानिक कारण छिपा है।
आकाश हेल्थकेयर में माइक्रोबायोलॉजी की कंसल्टेंट और हॉस्पिटल इंफेक्शन कंट्रोल ऑफिसर, डॉ. दिशा भाटिया ने इस दिलचस्प प्रक्रिया के बारे में डिटेल में बताया है। आइए जानते हैं क्या है यह विज्ञान और क्यों हमें इस मौसम में थोड़ी सावधानी बरतने की भी जरूरत है।
क्या है सोंधी महक का राज?
डॉ. भाटिया के अनुसार, जब मिट्टी लंबे समय तक सूखी रहती है, तो उसमें दो अहम चीजें काम कर रही होती हैं:
पौधों का नेचुरल ऑयल: सूखे के मौसम में पौधों से निकलने वाले कुछ नेचुरल ऑयल मिट्टी में जमा हो जाते हैं।
सूक्ष्म जीव: मिट्टी के अंदर ‘एक्टिनोमाइसीट्स’ नाम के विशेष सूक्ष्म जीव रहते हैं।
ये नेचुरल ऑयल और सूक्ष्म जीव आपस में मिलकर एक खास कंपाउंड तैयार करते हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘जिओस्मिन’ कहा जाता है।
जब बारिश की बूंदें जमीन पर गिरती हैं, तो यह ‘जिओस्मिन’ हवा में बहुत ही सूक्ष्म कणों के रूप में चारों तरफ फैल जाता है। हवा में तैरते हुए जब ये कण हमारी सांसों तक पहुंचते हैं, तो हमें वही चिर-परिचित सोंधी महक महसूस होती है। विज्ञान में इस पूरी प्रक्रिया और बारिश की इस खास खुशबू को ‘पेट्रिकोर’ का नाम दिया गया है।
सुकून के साथ जरूरी है थोड़ी सावधानी
यूं तो बारिश की यह खुशबू मन को बहुत शांति देती है, लेकिन डॉ. भाटिया चेतावनी देती हैं कि बारिश के शुरुआती दिनों में हवा में कुछ ऐसे तत्व भी बढ़ जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
फफूंद
परागकण
अन्य एलर्जेन
किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
हवा में इन एलर्जेन के बढ़ने से उन लोगों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए जो पहले से ही कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जैसे:
अस्थमा के मरीज
सांस संबंधी बीमारियों वाले लोग
किसी भी तरह की एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति
डॉक्टर की सलाह
बारिश का मौसम प्रकृति का एक खूबसूरत तोहफा है, इसलिए इसका पूरा लुत्फ उठाएं, लेकिन अपने शरीर के संकेतों को भी पहचानें। डॉ. भाटिया सलाह देती हैं कि अगर बारिश के मौसम में आपको सांस लेने में कोई तकलीफ महसूस हो, लगातार छींकें आएं या एलर्जी के लक्षण बढ़ते हुए दिखें, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लें।
