प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों तक हाईस्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं पहुंचाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। चयनित युवाओं को प्रशिक्षण देकर डिजिटल सेवा केंद्र संचालित करने का अवसर मिलेगा।
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए प्रोजेक्ट गंगा शुरू किया गया है। इसके तहत 700 से अधिक ग्रामीण युवाओं ने डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (डीएसपी) बनने के लिए आवेदन किया है। इन युवाओं को सात दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के बाद ये युवा अपने गांवों में हाई स्पीड इंटरनेट और विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराएंगे। सरकार का लक्ष्य न्याय पंचायत स्तर पर 8000 से 10000 डीएसपी तैयार करना है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को अपने गांव में ही डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। दावा है कि शुरुआत में डीएसपी की मासिक आय करीब 20 हजार रुपये होगी। यह ग्राहकों की संख्या बढ़ने पर एक लाख रुपये प्रतिमाह तक पहुंच सकती है। गवर्नमेंट असिस्टेड नेटवर्क फॉर ग्रोथ एंड एडवांसमेंट (गंगा) परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक हाईस्पीड फाइबर ब्रॉडबैंड पहुंचाना है।
परियोजना के उद्देश्य और सेवाएं
इस परियोजना के जरिये गांवों में टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा। स्मार्ट कृषि जैसी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीणों को प्रमाणपत्र, बैंकिंग और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
योजना के पहले चरण में 21 जिलों को शामिल किया गया है। इनमें नेपाल सीमा से सटे श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे पिछड़े जिलों को प्राथमिकता मिली है। सरकार अगले दो से तीन वर्षों में इस परियोजना का विस्तार करेगी। इसका लक्ष्य प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और करीब 20 लाख परिवारों तक पहुंचना है। योजना में महिलाओं की 50 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करने का भी लक्ष्य रखा गया है।
अभी तक 700 युवाओं का चयन किया गया
स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमाार सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा राज्य सरकार की महत्याकांक्षी योजना है। कुल 8000 डिजिटल सर्विस प्रोवाइडरों का चयन होगा, जिसके अंतर्गत अभी तक 700 युवाओं का चयन कर लिया गया है।
महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी का लक्ष्य है। ये प्रोजेक्ट ग्रामीण इलाकों को भी शहरों की तरह हाईस्पीड ब्राडबैंड सेवाओं से जोड़ेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों की प्रगति में अहम भूमिका निभाएगा।
