राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रविवार को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) ने दुख जताया है। संघ ने भरोसा जताया कि मामले की चल रही जांच जल्द ही निर्णायक मोड़ लेगी। कर्नाटक बेलगावी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि राम मंदिर दान चोरी पर संघ दुखी है।
संगठन ने मंदिर ट्रस्ट से यह भी आग्रह किया कि ऐसी कोई घटना दोबारा न हो जिससे भक्तों की आस्था कमजोर हो सके।
अपने बयान में आरएसएस ने कहा कि प्रतिनिधियों ने इस घटना को एक ऐसी घटना के रूप में देखा है, जिसमें मंदिर के प्रशासन में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए जवाबदेही और सुरक्षा उपायों दोनों की आवश्यकता है।
बैठक के बाद आरएसएस के अखिल भारतीय संचार संयोजक सुनील अंबेकर ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटी में जमा राशि की गिनती में अनियमितताओं की घटना पर सभी ने दुख व्यक्त किया। साथ ही यह भी विश्वास जताया है कि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर शुरू की गई एसआईटी और पुलिस कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी।
संघ ने उम्मीद जताई है कि ट्रस्ट ऐसे इंतजाम करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, जिससे राम मंदिर के प्रति सभी राम भक्तों की श्रद्धा और गहरी आस्था को ठेस पहुंचे।
अंबेकर ने बताया कि अंगोल के संत मीरा स्कूल में आयोजित बैठक में हर राज्य के क्षेत्रीय संयोजक, पदाधिकारी, कार्यकारी सदस्य और आरएसएस से संबद्ध सभी 42 संगठनों के प्रमुख उपस्थित थे । प्रशिक्षण में मोहन भागवत, होसबले और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कई सत्रों को संबोधित किया। संगठन ने अपनी प्रशिक्षण गतिविधियों और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की भी समीक्षा की।
