उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने करछना में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को किया लाभान्वित, स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन
सरकार युवाओं के रोजगार युक्ता बनाने के लिए कर रही है भरसक प्रयास
रोजगार हेतु 5 लाख तक का बिना गारंटी (कोलेटरल) ब्याजमुक्त ऋण
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
प्रयागराज/लखनऊ। आज प्रयागराज जनपद के प्रवास के तृतीय दिवस पर उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विकास खण्ड करछना में आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री मौर्य ने मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को उनके आवासों की प्रतीकात्मक चाबियाँ वितरित कीं। इनमें संजय कुमार पुत्र नन्दू राम (बरसहरा) एवं प्रियंका पत्नी सुग्गन (बरसहरा) शामिल रहे। इसी क्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय योजना के लाभार्थियों हेमलतिनिशा पत्नी कल्लू (बरसहरा), रुकसाना बेगम पत्नी इमरान (बरसहरा) तथा उषा पत्नी रामचन्द्र को भी योजना का लाभ प्रदान किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन की लाभार्थी ननकी पत्नी हीरालाल (बरसहरा) तथा निराश्रित महिला पेंशन की लाभार्थी गीता देवी पत्नी स्वर्गीय सीताराम (बरसहरा) को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में मालती देवी (सिलाई कला), मंजू देवी (कढ़ाई कला), जयकली (ऑर्गेनिक खेती – सिंगल ब्रिज) तथा नील देवी (आईपीआरपी, उड़वा) प्रमुख रहीं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया तथा महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में आयोजित गोद भराई, अन्नप्राशन सहित अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियों में भी सहभागिता कर उन्हें संपादित किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि डबल इंजन की सरकार महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ‘खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023’ के अंतर्गत नई इकाइयाँ स्थापित करने पर 35 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान (सब्सिडी) तथा ₹5 लाख तक का बिना गारंटी (कोलेटरल) ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज विकसित उत्तर प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। प्रदेश की डबल इंजन सरकार किसान, युवा, महिला, छात्र एवं समाज के प्रत्येक वर्ग के हित में निरंतर जनकल्याणकारी निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। इस अवसर पर राजेश शुक्ल (जिलाध्यक्ष, यमुनापार), नीरज त्रिपाठी (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी), राजमणि कोल (विधायक, कोरांव), पीयूष रंजन निषाद (विधायक, करछना), विनोद प्रजापति (पूर्व जिलाध्यक्ष), शिवदत्त पटेल (पूर्व जिलाध्यक्ष), विश्वनाथ भारती (पूर्व जिलाध्यक्ष), अमरनाथ यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
