ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुडी कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी के भारत और विदेशों में 45 से अधिक प्लांट हैं और करीब 9,000 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। कंपनी ने प्रदेश में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर निवेश की योजना बनाई है।
जापान और उत्तर प्रदेश के बीच औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित राउंडटेबल बैठक में विभिन्न जापानी और भारतीय कंपनियों के बिजनेस लीडर्स और सीईओ ने उत्तर प्रदेश में अपने अनुभव, वर्तमान निवेश, विस्तार योजनाओं और भविष्य की संभावनाओं को साझा किया। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ऑटो कंपोनेंट, ईवी, फार्मास्युटिकल, एडवांस मटेरियल, मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
राउंडटेबल में जापान-उत्तर प्रदेश साझेदारी को लेकर निवेशकों ने सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि भारत व जापान के बीच लंबे समय से विश्वास पर आधारित संबंध हैं। बैठक में यह भी कहा गया कि जापानी कंपनियां केवल भारतीय घरेलू बाजार के लिए निवेश नहीं देख रही हैं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन, एक्सपोर्ट और फ्यूचर टेक्नोलॉजी के नजरिये से भी उत्तर प्रदेश को महत्वपूर्ण मान रही हैं।
ऑटो कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र से जुडी कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी कंपनी के भारत और विदेशों में 45 से अधिक प्लांट हैं और करीब 9,000 लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। कंपनी ने प्रदेश में 50 एकड़ से अधिक भूमि पर निवेश की योजना बनाई है। यहां जापानी कंपनियों के साथ ज्वाइंट वेंचर्स के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट और ईवी कंपोनेंट्स का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आर एंड डी और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त इंसेंटिव और सपोर्ट दिया जाना चाहिए। इससे कंपनियां राज्य में अपने टेक्निकल सेंटर और रिसर्च गतिविधियों को और विस्तार दे सकेंगी। दूसरा सुझाव कौशल और कुशल कार्यबल को लेकर कहा कि उद्योगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य में इंडस्ट्री-रेडी स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
फार्मास्युटिकल क्षेत्र से जुड़े जापानी प्रतिनिधि ने एविएशन फ्यूल क्षेत्र से जुड़े बिजनेस लीडर ने यूपी में सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ) को एक महत्वपूर्ण औद्योगिक अवसर बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य की नीति में ऐसे प्रोत्साहनों को शामिल किया जाए, जिससे उत्तर प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को देश के तटीय राज्यों के पोर्ट्स के मुकाबले प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिल सके।
मदरसन ग्रुप के प्रेसिडेंट संजय मेहता ने बताया कि समूह के भारत में करीब 175 प्लांट हैं, जिनमें से 55 प्लांट यूपी में हैं। राज्य में कंपनी विस्तार की योजनाओं पर काम कर रही है। लोहम के फाउंडर रजत वर्मा ने बताया कि कंपनी के यूपी में चार प्लांट, तीन पायलट प्लांट और एक आर एंड डी सेंटर हैं, जिनसे करीब 1,000 लोगों को रोजगार मिल रहा है। कंपनी दो नए प्लांट स्थापित कर रही है।
एलएंडटी सेमीकंडक्टर के ग्लोबल सीईओ संदीप कुमार ने जापानी कंपनियों के साथ अगले पांच वर्षों में करीब 500 नए स्टार्टअप्स को विकसित करने के लिए बड़े इकोसिस्टम की दिशा में काम करने की योजना भी साझा की। ऑटो कंपोनेंट कंपनी डेन्सो के प्रतिनिधि ने कहा कि कंपनी ने हाल में नोएडा में करीब 500 करोड़ रुपये के नए निवेश को मंजूरी दी है।
यूपी की संस्कृति से रूबरू होंगे जापानी मेहमान
उत्तर प्रदेश और जापान के सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंध मजबूत होंगे। जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी के नेतृत्व में 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 20 अगस्त को यूपी पहुंचेगा। यह दल चार दिवसीय दौरे पर रहेगा। यह दौरा नई दिल्ली में हुई यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026 के बाद हो रहा है।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने जापानी प्रतिनिधियों के लिए विशेष भ्रमण कार्यक्रम बनाया है। इसमें ऐतिहासिक स्मारकों के साथ प्रदेश की जीवंत संस्कृति का अनुभव कराया जाएगा। ब्रज परंपरा, बौद्ध विरासत, आध्यात्मिकता, खान-पान और वेलनेस पर्यटन भी शामिल हैं। दल आगरा, लखनऊ और वाराणसी की यात्रा करेगा। यहां दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन एवं सांस्कृतिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यूपी और जापान बुद्ध संस्कृति साझा करते हैं। सारनाथ के यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से बौद्ध पर्यटन को नई पहचान मिली है। प्रतिनिधिमंडल में सरकारी प्रतिनिधि, कारोबारी, शिक्षाविद और युवा शामिल हैं। यह यात्रा पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क को नई दिशा देगी।
जापानी प्रतिनिधिमंडल 20 अगस्त को आगरा पहुंचेगा। वहां ब्रज की पारंपरिक संस्कृति और लोक परंपराओं से उनका स्वागत होगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उनसे मुलाकात करेंगे। दल ताजमहल का भ्रमण कर लखनऊ के लिए रवाना होगा। 23 अगस्त को वाराणसी से प्रतिनिधिमंडल की यूपी यात्रा समाप्त होगी।
