लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए :-गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार तक विस्तारित करने का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
परियोजना की अनुमानित लम्बाई लगभग 147 कि0मी0 है। प्रस्तावित निर्माण कार्य हेतु राज्य सरकार की सम्भावित व्यय भार लागत 10,761 करोड़ रुपये है। इसमें केन्द्र सरकार द्वारा किसी प्रकार की भागीदारी अपेक्षित/प्रस्तावित नहीं है। उत्तराखण्ड की सीमा पर स्थित जनपद बिजनौर में उत्तर प्रदेश से हरिद्वार तक जाने के लिए मुख्य रूप से मात्र एक राष्ट्रीय मार्ग (संख्या एन0एच0 34, मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार राष्ट्रीय मार्ग) की सुविधा ही उपलब्ध है। इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो जाने से बिजनौर, हरिद्वार से सीधे जुड़ जाएगा एवं गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से इसका सुलभ सम्पर्क प्रदेश की राजधानी से भी हो जाएगा। इससे इस क्षेत्र का चहुंमुखी आर्थिक विकास सम्भावित है।
परियोजना की डिजाइन स्पीड 120 कि0मी0 प्रति घण्टा तथा ज्यामितीय संरचना 06 लेन (08 लेन तक विस्तारणीय) होगी। प्रस्तावित आर0ओ0डब्ल्यू0 120मी0 होगा। गंगा एक्सप्रेस-वे को हरिद्वार तक विस्तारित किए जाने के फलस्वरूप पावन गंगा के तट पर स्थित 02 कुम्भ नगरी हरिद्वार एवं प्रयागराज के मध्य प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के माध्यम से एक दु्रतगामी यातायात व्यवस्था उपलब्ध हो जाएगी। इससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। निर्णय के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजित होना सम्भावित है।

झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना का विकास किए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने बीडा क्षेत्र, डिफेन्स कॉरिडोर तथा जनपद झांसी के समीप महत्वपूर्ण स्थलों तक प्रदेश एवं देश के अन्य क्षेत्रों से सुरक्षित एवं दु्रतगति से यातायात आवगमन हेतु झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना का विकास किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। यह लिंक एक्सप्रेस-वे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के चैनेज 170$300 (ग्राम फूलपुरा जनपद जालौन के निकट) वाया डिफेन्स कॉरिडोर नोड, गरौठा के निकट से प्रारम्भ होकर उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर (राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44) पर अम्बाबाई, जनपद झांसी पर समाप्त होगा।
परियोजना की लम्बाई 106.30 कि0मी0 प्रस्तावित है। लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य हेतु राज्य सरकार की सम्भावित व्यय भार लागत 7968.30 करोड़ रुपये आंकलित की गयी है। केन्द्र सरकार द्वारा किसी प्रकार की भागीदारी अपेक्षित/प्रस्तावित नहीं है। परियोजना को ई0पी0सी0 (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेण्ट एवं कन्सट्रक्शन) पद्धति पर विकसित किया जाएगा। परियोजना से आच्छादित जनपदों में जालौन (तहसील सदर, उरई) एवं झांसी (तहसील गरौठा, टहरौली, मोठ एवं झांसी प्रथम) शामिल हैं।
परियोजना हेतु 110 मी0 चौड़ाई का राइट ऑफ वे (आर0ओ0डब्ल्यू0) प्रस्तावित किया गया है, अर्थात 110 मी0 चौड़ाई में भूमिक्रय/अधिग्रहण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रवेश नियंत्रित ग्रीनफील्ड 06 लेन (08 लेन विस्तारणीय) में किया जाना प्रस्तावित है। सभी संरचनाएं 08 लेन चौड़ाई हेतु निर्मित की जाएंगी। एक्सप्रेस-वे का निर्माण 120 कि0मी0/घण्टा डिजाइन स्पीड हेतु प्रस्तावित है।
एक्सप्रेस-वे के अन्तर्गत 03 दीर्घ सेतु, 39 लघु सेतु, 06 फ्लाईओवर, 02 रेलवे उपरिगामी सेतु, 71 अण्डरपास एवं 165 पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे को क्रॉस करने वाले अन्य मार्गों से यातायात आवागमन की सुविधा हेतु 05 स्थानों पर इण्टरचेंज का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। यात्रियों की सुविधा के लिए 02 जन सुविधा परिसर का निर्माण किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर आवश्यकतानुसार स्टैगर्ड रूप में सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर आर0सी0सी0 पैनल वॉल द्वारा फेन्सिंग का कार्य प्राविधानित है। परियोजना को 02 पैकेजों में निर्मित किया जाना प्रस्तावित है।
लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति योजना के माध्यम से उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु कीमहिलाओं को निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने का निर्णय
लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 में ‘सशक्त नारी’ शीर्षक के अन्तर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा व्यवस्था किये जाने का संकल्प व्यक्त किया गया है। उक्त संकल्प की पूर्ति के क्रम में लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति योजना के माध्यम से प्रदेश में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। 60 वर्ष से अधिक आयु की दैनिक रूप से लगभग 88,438 महिला यात्रियों द्वारा मुफ्त यात्रा किये जाने का अनुमान है, जिस पर मासिक 22,55,16,900 रुपये (बाइस करोड़ पचपन लाख सोलह हजार नौ सौ रुपये मात्र) के व्यय भार का अनुमान है। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को निगम द्वारा विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराये जायेंगे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना से वंचित छात्रों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु पोर्टल खोले जाने तथा चालू
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत शिक्षण संस्थाओं से आवेदन अग्रसारित न होने, पी0एफ0एम0एस0 से रिजेक्ट होने एवं कतिपय अन्य कारणों से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/सामान्य/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक वर्ग के वंचित छात्रों को छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु पोर्टल खोले जाने तथा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से व्यय की अनुमति दिए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया है।
ज्ञातव्य है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत शिक्षण संस्थान/विश्वविद्यालय/एफिलियेटिंग एजेंसी स्तर पर मास्टर डाटा लॉक नहीं किए जाने के कारण, शिक्षण संस्थान स्तर पर आवेदन लम्बित रहने के कारण विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों के डाटा का सत्यापन लम्बित रहने, छात्रों द्वारा स्वयं के नाम से आय प्रमाण-पत्र लगाए जाने, विभिन्न पाठ्यक्रमों यथा-डी0एल0एड0 आदि का परीक्षा परिणाम समय से घोषित न किये जाने, पी0एफ0एम0एस0 पर लम्बित/रिजेक्टेड प्रकरण, फीस न भरे होने के कारण, जनपदीय छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति स्तर पर लम्बित रहने तथा ट्रांजेक्शन फेल आदि तथा अन्य तकनीकी कारणों से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/सामान्य/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को धनराशि का भुगतान नहीं हो सका।
चूंकि सामान्य वर्ग/अन्य पिछड़ा वर्ग/अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की नियमावली में देयता अगले वित्तीय वर्ष में अग्रेनीत न किए जाने का प्राविधान है तथा अनुसूचित जाति व अनूसूचित जनजाति के छात्रों को भी छात्रवृत्ति भुगतान किया जाना है। अतः उपरोक्त कारणों से वंचित उक्त समस्त वर्ग के पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने के उद्देश्य से स्पेशल केस मानते हुए एक बार पोर्टल खोलने तथा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से व्यय की अनुमति दिए जाने का प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित किया गया है।
प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों/संस्थानों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एम0बी0बी0एस0/बी0डी0एस0 परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अनुमन्य इण्टर्नशिप भत्ता 12,000 रु0 से बढ़ाकर 25,000 रु0 प्रतिमाह किए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों/संस्थानों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एम0बी0बी0एस0/बी0डी0एस0 परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अनिवार्य रोटेटिंग इण्टर्नशिप के दौरान शासनादेश संख्या-16/71-4-2021-529/1990, दिनांक 05 जनवरी, 2021 द्वारा अनुमन्य इण्टर्नशिप भत्ता 12,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों/संस्थानों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों से एम0बी0बी0एस/बी0डी0एस0 परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को रोटेटिंग इण्टर्नशिप करना अनिवार्य होता है। इण्टर्नशिप के दौरान छात्रों द्वारा राजकीय मेडिकल कॉलेजों/संस्थानों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोगियों के उपचार में चिकित्सकीय सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ इण्टर्न छात्रों द्वारा प्रतिदिन आपातकालीन, वॉर्ड, ओ0पी0डी0 एवं रात्रि ड्यूटी में भी महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया जाता है।
प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों/जिला चिकित्सालयों में एम0बी0बी0एस0/बी0डी0एस0 उत्तीर्ण छात्रों को शासनादेश संख्या-2434/71-3-2010-529/90, दिनांक 13 जुलाई, 2010 द्वारा रोटेटिंग इण्टर्नशिप के दौरान स्टाईपेण्ड भत्ता 7,500 रुपये प्रतिमाह अनुमन्य था। शासनादेश संख्या-16/71-4-2021-529/1990, दिनांक 05 जनवरी, 2021 द्वारा इसे 7,500 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया गया।
उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022के अन्तर्गत उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की संस्तुतियां अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के अन्तर्गत उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की 04 मई, 2026 को सम्पन्न बैठक में की गई संस्तुतियों पर अनुमोदन प्रदान किया है। उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति की उक्त बैठक में 08 इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की संस्तुति की गयी है।
इसके अन्तर्गत सुपर मेगा श्रेणी में सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म्स प्रा0लि0 जनपद गौतमबुद्धनगर (निवेश 605.37 करोड़ रुपये) को नैट एस0जी0एस0टी0 का अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित है। इसके अलावा, मेगा श्रेणी में शाल्विस स्पेशियलिटीज लि0 जनपद हमीरपुर (निवेश 297.30 करोड़ रुपये), साउण्ड कास्टिंग्स प्रा0लि0 जनपद हाथरस (निवेश 225 करोड़ रुपये), जुआरी एनविएन बायोएनर्जी प्रा0लि0 जनपद लखीमपुर खीरी (निवेश 294.72 करोड़ रुपये) तथा माउण्ट एवरेस्ट ब्रुअरीज लि0 जनपद उन्नाव (निवेश 363.52 करोड़ रुपये) को पूंजीगत सब्सिडी का अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित है।
मेगा श्रेणी में वृन्दावन बॉटलर्स प्रा0लि0 जनपद बाराबंकी (निवेश 436.12 करोड़ रुपये), पसवारा पेपर्स लि0 जनपद हाथरस (निवेश 315 करोड़ रुपये) तथा सी0आर0डी0 फूड्स एण्ड बेवरेजेज़ लि0 जनपद मथुरा (निवेश 363.94 करोड़ रुपये) को नैट एस0जी0एस0टी0 का अपेक्षित प्रोत्साहन प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रस्तर-12 में औद्योगिक इकाईयों को छूट, अनुदान एवं वित्तीय सुविधाएं प्रदान किये जाने का प्राविधान किया गया है। उक्त नीति के क्रियान्वयन हेतु शासन के पत्र दिनांक 14 अप्रैल, 2023 द्वारा दिशा-निर्देश एवं क्रियान्वयन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
शासनादेश दिनांक 14 अप्रैल, 2023 के प्रस्तर-4 एवं 5 में लेटर ऑफ कम्फर्ट तथा प्रोत्साहनों की स्वीकृति हेतु आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण उल्लिखित है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यू0पी0 (नोडल संस्था) की अध्यक्षता में मूल्यांकन समिति का गठन किया गया है। मूल्यांकन समिति द्वारा औद्योगिक इकाईयों के आवेदनों का मूल्यांकन कर संस्तुति प्राधिकारी के समक्ष विचार-विमर्श हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। मेगा एवं उससे उच्च श्रेणी की औद्योगिक इकाईयों के आवेदन पत्रों पर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया जाएगा। उच्चस्तरीय प्राधिकृत समिति द्वारा की गई अन्तिम संस्तुतियों को मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान किए जाने की व्यवस्था है।
फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेण्ट, विदेशी पूंजी निवेश, फार्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इण्डिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अन्तर्गत 03 औद्योगिक इकाइयों
को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की संस्तुति/निर्णय पर अनुमोदन
मंत्रिपरिषद ने फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेण्ट (एफ0डी0आई0), विदेशी पूंजी निवेश (एफ0सी0आई0), फार्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इण्डिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अन्तर्गत इम्पावर्ड कमेटी की दिनांक 19.12.2025 एवं दिनांक 07.02.2026 को सम्पन्न बैठक में 03 औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की संस्तुति/निर्णय पर अनुमोदन प्रदान किया है।
इसके अन्तर्गत एफ0डी0आई0/एफ0सी0आई0 श्रेणी में मेसर्स एग्रिस्टो मासा प्रा0लि0 जनपद बिजनौर (प्रस्तावित निवेश 794.27 करोड़ रुपये) तथा मेसर्स कैनपैक इण्डिया प्रा0लि0 जनपद उन्नाव (प्रस्तावित निवेश 1573.62 करोड़ रुपये) एवं फॉर्च्यून इण्डिया 500 श्रेणी में मेसर्स सुप्रीम इण्डस्ट्रीज लि0 जनपद कानपुर देहात (प्रस्तावित निवेश 238.15 करोड़ रुपये) को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए जाने की संस्तुति की गयी।
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथाकल्याण नियमावली-2014 के अध्याय-छः के नियम 22 के पश्चातनया नियम-22 (क), 22 (ख) एवं 22 (ग) बढ़ाए जाने के सम्बन्ध में
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014 के अध्याय-छः के नियम 22 के पश्चात नया नियम-22 (क), 22 (ख) एवं 22 (ग) बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय सप्तम राज्य विधि आयोग द्वारा त्रयोदशम प्रतिवेदन में दिए गए सुझाव के आधार पर लिया गया है।
नियमावली में संशोधन से वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित करेगा एवं उन पर हो रहे अत्याचार/दुर्व्यवहार पर कमी आएगी। भविष्य में यह नियम वरिष्ठ नागरिकों को यह अधिकार प्रदान करेगा यदि उनके बच्चों व अवांछित रिश्तेदारों द्वारा उनका भरण-पोषण नहीं किया जाता है या किसी प्रकार का दुर्व्यवहार किया जाता है तो वे उन्हें अपनी सम्पत्ति से निष्कासित कर सकेंगे।
मंत्रिपरिषद ने योजना के प्राविधानों में यथास्थान संशोधन करने के लिए यथावश्यकता परामर्शी विभागों के परामर्श से योजना के संचालन में विभिन्न बिन्दुओं पर निर्णय लेने हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत भी किया है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सन्निकट जनपद सुलतानपुर में इण्टीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग
एण्ड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स की स्थापना हेतु अवस्थापना विकास के निर्माण कार्य ई0पी0सी0 मोड पर कराने के लिए 27225.33 लाख रु0 की धनराशि अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर योजना के अन्तर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सन्निकट जनपद सुलतानपुर में इण्टीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आई0एम0एल0सी0) की स्थापना हेतु अवस्थापना विकास के निर्माण कार्य ई0पी0सी0 मोड पर कराये जाने हेतु 27225.33 लाख रुपये की धनराशि पर अनुमोदन प्रदान किया है।
निर्णयोपरान्त निर्माणकर्ता के चयन हेतु ग्लोबल बिड आमंत्रित किये जाने की कार्यवाही की जायेगी। इससे परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जा सकेगा। जनपद सुलतानपुर में उद्योगों की स्थापना से जनपद का विकास होगा तथा जन सामान्य को जनपद में ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। निर्णय के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजित होना सम्भावित है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण हेतु नई बसों को क्रय करने के लिए 40,000 लाख रु0 का व्यय प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण हेतु नई बसों को क्रय किए जाने के लिए 40,000 लाख रुपये की धनराशि के व्यय प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया है।
ज्ञातव्य है कि परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न श्रेणी की 250 नई इलेक्ट्रिक बसों के क्रय के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक में 40,000 लाख रुपये प्राविधानित हैं। इस योजना के तहत 50 सीटर 100 ए0सी0 बस (12 मी0, 3ग2 टाइप-।।) तथा 41 सीटर 150 ए0सी0 बस (12 मी0 2ग2 टाइप-।।।) का क्रय प्रस्तावित है।
बसों के क्रय पर कुल 42,550 लाख रुपये का वित्तीय व्यय सम्भावित है। सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले 40,000 लाख रुपये के अतिरिक्त अवशेष 2550 लाख रुपये की धनराशि का व्यय उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा अपने स्वयं के संसाधनों से वहन किया जाएगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन0सी0आर0) में वायु प्रदूषण रोकने हेतु सी0ए0क्यू0एम0 के निर्देशों के अनुसार दिनांक 01 नवम्बर, 2026 से दिल्ली में केवल सी0एन0जी0/ई0वी0/बी0एस0-6 वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। यह प्रस्ताव इन निर्देशों के समयबद्ध अनुपालन में सहायक होगा।
नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बेहतर परिवहन सेवा प्राप्त होगी। पर्यावरण के अनुकूल यात्रा के साथ-साथ आम जनता को प्रदूषण रहित और आधुनिक सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध होगी। बस बेड़े के विस्तार से चालक, परिचालक और तकनीकी रख-रखाव हेतु कुशल और अकुशल कर्मियों के लिए रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त ढाबा, रेस्टोरेण्ट और यात्री सुविधाओं से जुड़े बहुमुखी रोजगार भी बढ़ेंगे।
साक्षर भारत योजना में 31 मार्च, 2018 तक कार्यरत रहे जिला/ब्लॉक समन्वयक एवं शिक्षा प्रेरकों के मानदेय की अवशेष देनदारियों हेतु वर्ष 2026-27 के बजट में प्राविधानित 336.91 करोड़ रु0 में से 260.53 करोड़ रु0 को
अवमुक्त/स्वीकृत किए जाने का प्रस्ताव अनुमोदित
मंत्रिपरिषद ने साक्षर भारत योजना में 31 मार्च, 2018 तक कार्यरत रहे जिला/ब्लॉक समन्वयक एवं शिक्षा प्रेरकों के मानदेय की अवशेष देनदारियों हेतु वर्ष 2026-27 के बजट में प्राविधानित 336.91 करोड़ रुपये में से 260.53 करोड़ रुपये को अवमुक्त/स्वीकृत किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है। यह धनराशि निदेशक, साक्षरता वैकल्पिक शिक्षा, उ0प्र0, लखनऊ के निवर्तन पर रखी जाएगी। अवशेष मानदेय के भुगतान की कार्यवाही सम्बन्धित जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जिला/ब्लॉक समन्वयक एवं शिक्षा प्रेरकों की उपस्थिति प्रमाणित करने के पश्चात ही की जाएगी।
ज्ञातव्य है कि साक्षर भारत मिशन एक केन्द्र पुरोनिधानित योजना थी, जिसका मुख्य उद्देश्य 15$ वय वर्ग के निरक्षरों को साक्षरता प्रदान करना था। उक्त योजना का संचालन प्रदेश के 70 जनपदों के 765 विकासखण्डों के 49,921 ग्राम पंचायतों में 02 चरणों में किया गया था। उक्त योजना के जनपद एवं विकासखण्ड तथा ग्राम पंचायत स्तर पर सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक जनपद स्तर पर 04 जिला समन्वयक एवं विकासखण्ड स्तर पर 01 ब्लॉक समन्वयक को प्रतिमाह 6,000 रुपये की दर से तथा पंचायत स्तर पर स्थापित प्रत्येक लोक शिक्षा केन्द्रों पर 02 शिक्षा प्रेरक (महिला/पुरुष) को प्रतिमाह 2,000 रुपये पर मनोनीत किया गया था।
भारत सरकार द्वारा योजना को दिनांक 31.03.2018 को समाप्त कर दिये जाने के पश्चात प्रेरकों का मनोनयन स्वतः समाप्त हो गया। योजना की समाप्ति की तिथि
31.03.2018 तक सम्बन्धित जनपदों में कुल 256 जिला समन्वयक, 746 ब्लॉक समन्वयक एवं 94,360 शिक्षा प्रेरक कार्यरत थे। वित्तीय वर्ष 2017-18 में उक्त योजना की ऑडिट रिपोर्ट में जिला/ब्लॉक समन्वयक एवं शिक्षा प्रेरकों की अनपेड लायबिलटीज के रूप में अवशेष मानदेय की धनराशि 401.25 करोड़ रुपये मात्र थी, जिसे अवमुक्त करने की मांग भारत सरकार से लगातार की गयी थी।
भारत सरकार द्वारा पत्र दिनांक 05.01.2022 में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के पास अन्य घटकों में उपलब्ध धनराशि 108.97 करोड़ रुपये (मूलधन$ब्याज) में से मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा पारित आदेशों के समादर में 3.07 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया मानदेय के रूप में अद्यतन व्यय किया जा चुका है। शिक्षा प्रेरकों द्वारा किये गये कार्यों के सापेक्ष अवशेष मानदेय की देनदारियां वचनबद्ध व्यय है, जिस कारण अवशेष देनदारियों का भुगतान किया जाना आवश्यक है।
प्रेरकों के बकाया मानदेय 401.25 करोड़ रुपये में से मा0 न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में व्यय धनराशि 3.07 करोड़ रुपये को घटाते हुए वर्तमान में कुल देयता
398.18 करोड़ रुपये अवशेष हैं तथा वर्तमान में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के मुख्य बैंक खाते में कुल 137.65 करोड़ रुपये (मूलधन$ब्याज) की धनराशि उपलब्ध है। इस प्रकार साक्षरता कर्मियों के मानदेय की कुल धनराशि 260.53 करोड़ रुपये मात्र को अवमुक्त किया जाना है। इस हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 336.91 करोड़ रुपये प्राविधानित हैं।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय (कोर्ट मैनेजर केन्द्रीयकृत सेवा)नियमावली, 2026 के प्रख्यापन का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय (कोर्ट मैनेजर केन्द्रीयकृत सेवा) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
ज्ञातव्य है कि रिट पिटीशन (सी) संख्या-1022/1989 ऑल इण्डिया जजेज़ एसोसिएशन व अन्य बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया व उससे सम्बद्ध आई0ए0 संख्या-135045/2023, आई0ए0 संख्या-187237 एवं 187240/2024 तथा रिट पिटीशन (सी) संख्या-301/2024 लोकेश कुमार व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा आदेश दिनांक 16 मई, 2025 पारित किये गये ।
मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित उक्त आदेशों में कोर्ट मैनेजर के सम्बन्ध में कतिपय ऑब्जर्वेशन करते हुए असम रुल्स, 2018 को मॉडल ड्राफ्ट अपनाने सहित निष्कर्ष एवं निर्देश (ब्व्छब्स्न्ैप्व्छ ।छक् क्प्त्म्ब्ज्प्व्छै) प्रदान किये गये ।
उक्त के आलोक में, महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गये निष्कर्ष एवं निर्देशों के आलोक में शासन को ज्ीम ।ससींंइंक भ्पही ब्वनतज (ब्वनतज डंदंहमतेश् ब्मदजतंसप्रमक ैमतअपबम) त्नसमे, 2026 का ड्राफ्ट उपलब्ध कराया गया।
उक्त नियमावली के प्रख्यापन से रिट पिटीशन (सी) संख्या-1022/1989 व उससे सम्बद्ध आई0ए0 व रिट पिटीशन (सी) संख्या-301/2024 में मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 16 मई, 2025 का अनुपालन सुनिश्चित हो सकेगा।
साथ ही, मा0 उच्च न्यायालय एवं जनपदीय न्यायालयों के प्रबन्धन में सुगमता होगी तथा मा0 उच्च न्यायालय एवं जनपदीय न्यायालय के प्रशासनिक कार्यों को दक्षतापूर्वक सम्पन्न कराने में सहायता मिल सकेगी ।
सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर भर्ती होने पर मा0 उच्च न्यायालय के प्रशासनिक एवं प्रबन्धकीय कार्यों का त्वरित एवं सुगमतापूर्वक निस्तारण सम्भव हो सकेगा, जिससे जन सामान्य भी लाभान्वित होगा। प्रस्ताव से राज्य सरकार पर लगभग 3.97 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय भार सम्भावित है।
स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत 25 लाख टैबलेट के क्रय हेतु निविदा से चयनित संस्थाओं को क्रय आदेश निर्गत करने का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत 25 लाख टैबलेट के क्रय हेतु निविदा से चयनित संस्थाओं को क्रय आदेश निर्गत किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। योजना हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में 237460 लाख रुपये का बजट प्राविधान किया गया है।
स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना प्रदेश के युवाओं के तकनीकी सशक्तिकरण हेतु लागू है। युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने हेतु टैबलेट वितरित करने की यह एक अभिनव योजना है। प्रदेश के स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास आदि विभिन्न शिक्षण/प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अन्तर्गत लाभार्थी युवा वर्ग को निःशुल्क टैबलेट प्रदान करने से न केवल वह अपने शैक्षिक पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकेंगे, बल्कि उसके उपरान्त भी विभिन्न शासकीय/गैर शासकीय एवं स्वावलम्बन की योजनाओं में भी वे इसका सदुपयोग कर सेवारत/व्यवसायरत हो सकेंगे।
जनपद मैनपुरी में समान पक्षी विहार के निकट पर्यटन विकास हेतुग्राम सभा की 06 हे0 भूमि को जनहित में श्रद्धालुओं/पर्यटकोंके सुविधार्थ विकसित किए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत
मंत्रिपरिषद ने जनपद मैनपुरी में समान पक्षी विहार के निकट पर्यटन विकास हेतु ग्राम सभा की 06 हेक्टेयर भूमि को जनहित में श्रद्धालुओं/पर्यटकों के सुविधार्थ विकसित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार जनपद मैनपुरी की किसनी तहसील के समान पक्षी विहार के निकट ग्राम समान स्थित ग्राम समाज की ऊसर दर्ज भूमि गाटा संख्या-2447 ज्ञ/50.72 एकड़ (22.548 हेक्टेयर) में से 06 हेक्टेयर ऊसर भूमि, जो रिक्त है, पर्यटन विभाग को निःशुल्क उपलब्ध करायी जाएगी। प्रकरण में आवश्यकतानुसार अग्रेतर निर्णय लेने के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है।
ज्ञातव्य है कि मैनपुरी का समान पक्षी विहार उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण वेटलैण्ड और रामसर साइट है, जो सारस क्रेन और कई तरह के प्रवासी पक्षियों का घर है। यह अभ्यारण पक्षी दर्शन और फोटोग्राफी के लिए एक आदर्श स्थान है। यहां नाव सवारी करके पक्षियों को करीब से देखा जा सकता है। वॉच टावर से भी पक्षियों को अच्छी तरह देखा जा सकता है।
