लखनऊ। आईआईएम रोड स्थित इमैजिन रिजॉर्ट में प्री-जन्माष्टमी के अवसर पर भव्य श्री कृष्णोत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 500-600 श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में अक्षय पात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूज्य भरतर्षभ प्रभु का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। उनके साथ पूज्य कृष्ण पाद प्रभु, पूज्य श्रीनिधि गोविंद प्रभु, पूज्य भीमेश प्रभु, पूज्य तरुण कृष्ण प्रभु सहित अनेक अतिथि भक्त एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवद्गीता के श्लोक-पाठ के साथ हुआ। इसके बाद भजन, नृत्य, हरिनाम संकीर्तन, श्री राधा-कृष्ण का झूलन एवं भव्य अभिषेक सहित विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। हरिनाम संकीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ पवित्र नामों का सामूहिक गायन किया और भक्ति में झूमते हुए नृत्य किया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध युवा भजन गायक श्री अगम अग्रवाल जी की प्रस्तुति रही। वे अपने लोकप्रिय भजन ‘वृंदावन मेरो वृंदावन’ के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं, जिसे वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में भी प्रस्तुत किया गया है। उनकी भजन प्रस्तुति पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन हरे कृष्ण मंदिर, लखनऊ के भक्त अजय कृष्ण दास द्वारा किया गया। मंदिर के भक्तों एवं स्वयंसेवकों ने आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं में उत्कृष्ट सेवा प्रदान की। कार्यक्रम स्थल के प्रायोजक श्री रोहित अग्रवाल जी एवं श्री अमित अग्रवाल जी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। अन्य उत्सव प्रायोजकों ने भी कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
इस अवसर पर वृंदावन चंद्रोदय मंदिर की आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। श्री वृंदावन धाम में निर्माणाधीन यह मंदिर लगभग 700 फीट ऊंचा होने के साथ विश्व का आगामी सबसे ऊंचा मंदिर बनने की दिशा में एक ऐतिहासिक परियोजना है। मंदिर का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं, भगवद्गीता तथा भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति के संदेश को विश्वभर में पहुंचाना है।
इसी सेवा-भावना के अंतर्गत अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा प्रतिदिन लगभग 23.5 लाख बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। लखनऊ में भी भगवद्गीता शिक्षाओं के विस्तार तथा अधिक से अधिक लोगों को कृष्ण-चेतना से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए पूर्ण महाप्रसाद भोजन की व्यवस्था की गई। संपूर्ण आयोजन मंदिर की टीम, भक्तों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगी प्रायोजकों के सामूहिक प्रयास से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आयोजकों के अनुसार, श्री कृष्णोत्सव का मुख्य उद्देश्य केवल जन्माष्टमी का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज के अधिक से अधिक लोगों को भगवान श्रीकृष्ण के पवित्र नाम, भगवद्गीता की शिक्षाओं और कृष्ण-चेतना से जोड़ना है। कार्यक्रम ने लखनऊ में भक्ति, संकीर्तन और आध्यात्मिक जागरूकता का एक सुंदर वातावरण प्रस्तुत किया।
