कल से लगातार हो रही बारिश के बावजूद पेंशन के दीवाने अटेवा के सिपाहियों के हौसले को कम नहीं कर पाई भारी बरसात के बाद भी सुबह से पेंशन विहीनों का रेला लखनऊ के इको गार्डन मैदान पहुंचना शुरू हो गया देखते-देखते पूरा मैदान खचाखच भर गया। यह अटेवा नेतृत्व पर प्रदेश के लाखों शिक्षकों/ कर्मचारियों के अटूट विश्वास एवं संगठन से पेंशन बहाली के आस का परिणाम है। विपरीत मौसम तथा परिस्थितियों के बावजूद पेंशन विहीनों के उत्साह ने यह दिखा दिया कि बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन(जो शिक्षक,कर्मचारी/अधिकारियों का हक और अधिकार है) की लड़ाई अपनी तरुणाई पर है।NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार ‘बन्धु’ के आह्वान पर पूरे प्रदेश से लखनऊ में अटेवियंस का रेला चला आ रहा था जैसे कुम्भ का मेला हो। हर तरफ OPS लिखे हुए छाते दिखाई पड़ रहे थे।

इस महारैली में सुबह से ही प्रदेश के कोने-कोने से शिक्षक,कर्मचारी एकत्रित होने लगे। कहीं से महिलाओं की टोली चली आ रही है तो कहीं से पुरुषों का रेला। कहीं पुरानी पेंशन जिंदाबाद का नारा गूंजायमान हो रहा था तो कहीं टेट अनिवार्यता समाप्त करो तो कुछ साथियों का जत्था निजीकरण मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए जोश के साथ कार्यक्रम स्थल को ओर चला आ रहा था ।पुरुषों के साथ आधी आबादी ने इस आंदोलन में चढ़-बढ़ कर हिस्सा लिया।कहीं पूर्वांचल के माटी की महक थी तो कहीं बुंदेलखंड के गीतों की गूंज।कहीं से उत्तर प्रदेश के तराई बेल्ट की आवाज थी तो कहीं पश्चिमाँचल से क्रान्ति की हुंकार।मातृशक्तियों के नारों और गीतों से पूरा इको गार्डन गूंजायमान हो उठा । महारैली में शिक्षकों एवं कर्मचारियों में टेट अनिवार्यता,NPS एवं निजीकरण के विरोध में भारी आक्रोश देखने को मिला। NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार ‘बन्धु’ ने कहा कि- किसी भी सूरत में टेट अनिवार्यता,एनपीएस एवं निजीकरण को स्वीकार नहीं करेंगे और उनकी समाप्ति तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि सरकार इस महारैली में आए शिक्षकों एवं कर्मचारियों के आक्रोश को नहीं समझेगी तो तीन माह बाद डेरा डालो – घेरा डालो आंदोलन के क्रम में क्रमिक अनशन लखनऊ में ही करेंगे।सरकार को शिक्षा,चिकित्सा व रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने ही होंगे। निजीकरण ने बेरोजगारी को बढ़ाया है।अटेवा देश के शिक्षकों के आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा के लिए दृढ़संकल्पित है।

प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार राय,चन्द्रहास सिंह, डा० आशाराम ने कहा कि- NPS निजीकरण देश की अर्थव्यवस्था के लिए घातक है तथा पूंजीपतियों को लाभ देने की व्यवस्था है जिसका अटेवा मुखर रूप से विरोध करता है। स्वास्थ्य महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि- चुनाव देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।आगामी विधान परिषद के चुनाव में विजय कुमार ‘बन्धु’ का स्नातक निर्वाचन में प्रत्याशी बनना शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए गौरव की बात है। विजय बन्धु को सदन में भेजकर शिक्षकों,कर्मचारियों के मुद्दों को बल मिलेगा।पी डब्लू डी वर्क चार्ज कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भारत सिंह ने कहा कि- अटेवा ने पुरानी पेंशन के मृत्यु मुद्दे को जीवित किया है और विजय बन्धु के संघर्ष के बल पर ही देश के कई राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हुई है। वरिष्ठ कर्मचारी नेता रामराज दूबे एवं रामेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि- अटेवा के संघर्ष की बदौलत सरकार ने NPS में अनेकों संशोधन किए और विज्ञापन के आधार पर शिक्षक,कर्मचारियों के एक बड़े समूह को पुरानी पेंशन दी। रेलवे के वरिष्ठ नेता कमल उसरी ने कहा कि- विजय कुमार ‘बन्धु’ द्वारा निजीकरण के मुखर विरोध ने देश के लाखों बेरोजगार युवाओं के हक की आवाज को बुलन्द करने का कार्य किया है।विजय कुमार ‘बन्धु’ को सदन में भेजना हम सभी का दायित्व होना चाहिए।आधी आबादी का प्रतिनिधित्व कर रही अटेवा की प्रदेश महिला मोर्चा प्रभारी रंजना सिंह ने कहा कि- हमारी बहनें अटेवा के हर संघर्ष में साथ हैं। आई टी सेल व सोशल मीडिया के पदाधिकारियों अभिनव सिंह राजपूत,दानिश इमरान,आर्यनवेद, वीरेंद्र कुमार, कुलदीप सैनी ने कहा कि- सोशल मीडिया और तकनीकि के माध्यम से अटेवा के मुद्दों को जन- जन तक पहुंचाने का कार्य किया जायेगा। बेसिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महेंद्र कुमार यादव ने कहा इस लड़ाई में हम अटेवा के साथ हैं।

महारैली में सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रभारी धर्मेन्द्र गोयन एवं सुमन कुरील ने अपने पेंशन गीतों से पेंशनमय बना दिया।
इस महारैली का सफल संचालन प्रदेश महामंत्री डॉ नीरज पति त्रिपाठी,प्रदेशमंत्री विजय प्रताप बूढ़नपुरी,प्रदेश संयुक्त मंत्री जनार्दन शुक्ल ने संयुक्त रूप से किया। इस महारैली में विभिन्न संगठनों के कर्मचारी और अधिकारी सम्मिलित होकर अटेवा के मुद्दों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही।

महारैली का समापन डी0सी0पी0 के मौके पर ज्ञापन लेकर कल एक प्रतिनिधिमंडल की वार्ता मुख्य सचिव से कराने और एक सप्ताह के भीतर मा0मुख्यमंत्री से वार्ता कराने के आश्वासन पर हुआ।
इस महारैली में मध्यप्रदेश से परमानंद डहेरिया,दिल्ली से मंजीत राणा, हरियाणा से विजेन्द्र धारीवाल,पंजाब से सुखजीत सिंह,रेलवे से अखिलेश पाण्डेय,विक्रमादित्य मौर्य,ओम प्रकाश कन्नौजिया,नरेन्द्र कुमार,संदीप वर्मा,राजेश जायसवाल,अशोक कन्नौजिया, डॉ भूरी सिंह,अखिलेश यादव,राकेश रमन ,संजय उपाध्याय,रजत प्रकाश,राधा प्यारी रावत,वीरेन्द्र पटेल ,राघवेंद्र सिंह, राकेश कुमार वर्मा समेत विभिन्न शिक्षक,कर्मचारी संगठनों के लोग उपस्थित रहे।
