Fark India
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अंतर्राष्ट्रीय
हिटलर की जन्मस्थली पर पुलिस स्टेशन खोलने का फैसला
ऑस्ट्रिया सरकार उस इमारत में पुलिस स्टेशन खोलने जा रही है जहां 1889 में जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर का जन्म…
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राष्ट्रीय
भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर में बड़ी उछाल
भारतीय प्राइवेट स्पेस इंडस्ट्री में इस समय एक नया इतिहास लिखा जा रहा है। हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने…
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राष्ट्रीय
मानसून सत्र से पहले आया बजट सेशन का अटेंडेंस रिपोर्ट कार्ड
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू होने वाला है। सत्र की शुरुआत से पहले NGO कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव…
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धर्म
20 जुलाई 2026 का राशिफल
मेष राशि आज का दिन व्यस्तता से भरा रहेगा, लेकिन यही भागदौड़ आपको सफलता की नई दिशा भी दिखाएगी। कुछ…
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स्वास्थ्य
जलवायु परिवर्तन से बेकाबू हो रहे पानी में फैलने वाले बैक्टीरिया
सोचिए, अगर बीमारियों के खिलाफ दशकों से लड़ी जा रही हमारी जंग अचानक हार में बदलने लगे तो क्या होगा?…
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अपराध
नकली एवं काउंटरफीट दवाओं के अंतर्राज्यीय अवैध नेटवर्क के विरुद्ध एफएसडीए एवं लखनऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
लखनऊ में बिना लाइसेंस संचालित अवैध गोदाम से लगभग ₹25 लाख मूल्य की संदिग्ध एलोपैथिक एवं नारकोटिक्स औषधियां सीज, एफआईआर…
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उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए उद्यमी मित्र नेटवर्क का विस्ता
निवेश परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार, इन्वेस्ट यूपी द्वारा मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र योजना के लिए 25 पदों पर भर्ती परीक्षा…
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उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों को मिली रफ्तार, गांवों तक पहुंच रही बस सेवा* *योगी सरकार ने 56 जिलों में 215 बसों का संचालन किया शुरू, योजना का तेजी से बढ़ रहा दायरा* *गांव से तहसील व जिला मुख्यालय तक आसान हुआ सफर, 4 महीने से कम समय में बड़ी उपलब्धि* *प्रयागराज में सबसे अधिक 43 बसें, अन्य जिलों में भी बढ़ाया जा रहा संचालन* *लखनऊ, 19 जुलाई।* सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेशवासियों की सहूलियत के लिए योजनाएं बनने से लेकर लागू होने तक की कार्यवाही तेजी से पूरी हो रही है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना इसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। मार्च 2026 में योगी सरकार की कैबिनेट बैठक के दौरान इस योजना को मंजूरी मिली थी। चार महीने से भी कम समय में यूपी के 75 में से 56 जिलों को ग्रामीण मार्गों पर बस सेवा से जोड़ा जा चुका है। इसके साथ ही प्रदेश के हर गांव को बस सेवा से जोड़ने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के माध्यम से उन गांवों और ग्रामीण मार्गों को बस सेवा से जोड़ा जा रहा है, जहां अब तक नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना का उद्देश्य प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को परिवहन सुविधा से जोड़ते हुए ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील व जिला मुख्यालय तक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराना है। साथ ही निजी बस संचालकों के सहयोग से उन मार्गों पर भी परिवहन सेवा शुरू की जा रही है, जहां उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसें सीमित संख्या में संचालित होती हैं। *56 जिलों में 215 बसों का संचालन* परिवहन विभाग के मुताबिक योजना के तहत अब तक 1,012 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 858 आवेदनों का चयन किया जा चुका है। वर्तमान में प्रदेश के 56 जनपदों में 215 मिनी बसों का संचालन शुरू हो चुका है, जिससे काफी संख्या में ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। सरकार व विभाग चरणबद्ध तरीके से योजना का विस्तार कर रहे हैं, ताकि प्रदेश के अंतिम गांव तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा पहुंच सके। *बस संचालन की जिलेवार स्थिति* योजना के अंतर्गत सबसे अधिक प्रयागराज में 43 बसों का संचालन शुरू हुआ है। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में 27, झांसी में 19, मथुरा में 18, जौनपुर में 7, हापुड़ में 6, बांदा में 5, एटा में 5, मऊ में 4, जालौन में 4 व बलिया में 3 बसों का संचालन शुरू हो गया है। अन्य जिलों में भी बसों की संख्या तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। *ग्रामीण स्तर पर रोजगार का जरिया* मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। इन मिनी बसों के संचालन में आवेदक समेत बस ड्राइवर, कंडक्टर को क्षेत्रीय आधार पर प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार भी मिलना शुरू हुआ है। *एनसीआर क्षेत्र में सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसों को ही अनुमति* मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 15 से 28 सीटों वाली डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक मिनी बसों का संचालन किया जाना है। इसमें अधिकतम 8 वर्ष पुरानी बसों को ही शामिल किए जा सकेगा। बसों के मॉडल और पंजीकरण वर्ष में एक वर्ष से अधिक का अंतर नहीं होगा। बस संचालन की अनुमति पहले 10 वर्षों के लिए होगी, जिसे बाद में 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। डीजल बसों की अधिकतम आयु 10 वर्ष, सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों की 15 वर्ष तय की गई है। एनसीआर क्षेत्र में केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे। *बस संचालन के लिए परमिट लेने में छूट* इस योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदनों की जांच और पात्र आवेदकों का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति कर रही है। इस समिति में मुख्य विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल हैं। योजना के सुचारु संचालन, निगरानी और रखरखाव की जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रबंधकों को सौंपी गई है। वे हर महीने योजना की प्रगति की रिपोर्ट मंडलायुक्त को देंगे, ताकि कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके। सरकार ने योजना को आसान और प्रभावी बनाने के लिए बस संचालन के लिए परमिट लेने की अनिवार्यता से भी छूट प्रदान की है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा जल्द शुरू हो सके
योगी सरकार ने 56 जिलों में 215 बसों का संचालन किया शुरू, योजना का तेजी से बढ़ रहा दायरा गांव…
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उत्तर प्रदेश
चंद महीनों में रिकॉर्ड आवेदन, 14 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला शादी अनुदान का लाभ
योगी सरकार की पहल बनी आर्थिक कमजोर परिवारों का सहारा, 1.05 लाख आवेदकों को लाभ देने का लक्ष्य इस वित्तीय…
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हर नागरिक को है विश्वास, संकट में साथ खड़ी है सरकारः मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने किया उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मुख्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण सीएम ने प्राधिकरण की…
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