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उच्च शिक्षा मंत्री ने शिक्षक दिवस पर शिक्षक-शिक्षिकाओं को किया सम्मानित

श्रीनगर गढ़वाल : पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आज प्रदेश के उच्च शिक्षा, सहकारिता, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, प्रोटोकॉल, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विकासखण्ड पाबौ के राजकीय इंटर कालेज पाबौ में मुख्य अथिति के रुप मे शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विकासखण्ड खिर्सू तथा पाबौ के शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले, कोविड काल में अपनी सेवाएं दे चुके शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा भोजन माताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि शिक्षक के बिना जीवन अधूरा है।
डॉ. राधाकृष्ण जी विश्व को एक विद्यालय मानते थे, उनका मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है। इसलिए विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए। कहा कि वह धनी, विद्वान, शिक्षक, वक्ता, प्रशासक, राजनायिक, देशभक्त होने के साथ ही वे अनेक उच्च पदों पर रहते हुए भी शिक्षा के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देते रहे, उनका कहना था कि यदि शिक्षा सही प्रकार से दी जाए तो समाज से अनेक बुराइयों को मिटाया जा सकता है। कहा कि हर व्यक्ति को शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। साथ ही मा. मंत्री जी ने कहा कि घस्यारी कल्याण योजना जल्द प्रारम्भ की जाएगी, जिसमें महिलाओं को किट वितरित की जाएगी।मंत्री डॉ. रावत ने आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में कहा कि शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को भविष्य में एक अलग पहचान बनाने के लिए दिन रात मेहनत करता है।
कहा कि शिक्षकों द्वारा शिक्षा के अलावा कोविड काल में भी बेहतर सेवाएं दी हैं तथा भोजन माताओं द्वारा स्कूलों में आ रहे प्रवासियों को समय-समय पर भोजन की समुचित व्यवस्था की है। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को किताबे भी वितरित किये गए हैं तथा डिग्री कालेजों में 4जी कनेक्टिविटी दी गई है, जिससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई करने में सुविधा मिली। कहा कि विधानसभा श्रीनगर के अंतर्गत कई स्कूलों को चटाई मुक्त कर दिया गया है तथा दिसम्बर तक शत प्रतिशत चटाई मुक्त की जाएगी। कहा कि राज्य में लगभग 90 लाख लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर व्यक्ति को 15 सितम्बर तक कोरोना की पहली डोज तथा 30 दिसम्बर तक सभी को दूसरी डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि थलीसैंण, बीरोंखाल तथा श्रीनगर में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। कहा कि श्रीनगर विधानसभा शिक्षा का बड़ा केंद्र बन गया है। श्रीनगर विधानसभा के अंतर्गत अभिनव कार्य किये जा रहे हैं। साथ ही हर ग्राम पंचायतों में एक-एक पुस्तकालय बनाये जा रहे हैं।
कहा कि जो गांव नशामुक्त होंगे उन गांवों को उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रमाणित कराकर 1 लाख रू. की धनराशि से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रीनगर विधानसभा के अंतर्गत 05 गांवों को संस्कृत गांव बनाया जायेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहला प्रोफेशनल कालेज पैठाणी में खोला गया है तथा वहां 500 छात्र-छात्राओं के लिए होस्टल भी बनाया जा रहा है।मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि खिर्सू ब्लॉक में उच्च शिक्षा की दिक्कतों को देखते हुए खिर्सू में डिग्री कालेज खोल दिया गया है, जिससे स्थानीय छात्र-छात्राओं को दूर दराज के विद्यालयों में नही जाना पड़ेगा।
कहा कि बेहतर शिक्षा के लिए क्षेत्र के 08 इंटर कालेजों को सीबीएसई से मान्यता दिलाई गयी है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में ई-ग्रन्थालय संचालित किए जा रहे हैं तथा 35 लाख किताबे छात्र-छात्राओं को दी गई हैं। कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सभी विद्यार्थियों को टेबलेट भी दिए जाएंगे। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अध्यापकों को भक्तदर्शन पुरस्कार देकर सम्मानित कर रहे हैं। कहा कोरोना काल की समाप्ति पर 05 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन करने के लिए विदेशों में भ्रमण पर भेजा जाएगा। कहा कि 44 डिग्री कालेजों में 05-05 विषयों का स्वरोजगार परक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कहा कि हमारा लक्ष्य मातृ भाषा को प्रोत्साहन देना व रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख एकेश्वर/प्रभारी विधानसभा श्रीनगर नीरज पांथरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद टम्टा, मंडल अध्यक्ष पाबौ दीपक रावत, मंडल अध्यक्ष पैठाणी वीरेंद्र रावत, विधायक प्रतिनिधि भैरव सिंह गुसाईं, जिला उपाध्यक्ष हरेंद्र कोली, प्रो. आर. एस. रावत, जिला शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत, खंड शिक्षा अधिकारी पाबौ मिराज अहमद खान, शिक्षिका अम्बिका भंडारी, जशोदा सिंह, संगीता, मीनाक्षी ठुकराल, रीनू जोशी, शिक्षक संजीव शर्मा, पूरण राणा, दुर्गेश रावत, धर्मबीर सिंह, भोजन माताएं भूमा देवी, उर्मिला देवी, मंगीता देवी सहित अन्य उपस्थित थे।

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