योगी सरकार में उच्च शिक्षा के विस्तार को नई गति, अलीगढ़ में प्रस्तावित सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय को मिला आशय पत्र
उच्च शिक्षा मंत्री ने ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति’ को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट, दो वर्ष में पूरी करनी होंगी निर्धारित शर्तें

अलीगढ़ और आसपास के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल
निजी क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारपरक उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाने पर योगी सरकार का जोर
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक और पहल की गई है। अलीगढ़ में प्रस्तावित ‘सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय’ की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार ने प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति, अलीगढ़’ को आशयपत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किया है। इससे अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के नए अवसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर समिति के प्रतिनिधियों को आशयपत्र सौंपा। उच्च शिक्षा विभाग ने सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की धारा-6 के प्रावधानों के तहत यह आशय-पत्र जारी किया है।
युवाओं को अपने क्षेत्र में मिलेंगे उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर
योगी सरकार प्रदेश में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार हो और विद्यार्थियों को अपने गृह क्षेत्र के आसपास ही बेहतर शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध हो सकें।
प्रस्तावित सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय के माध्यम से अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा के अतिरिक्त अवसर मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में शिक्षा संबंधी सुविधाओं के विस्तार और युवाओं की शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
पारदर्शी प्रक्रिया और निर्धारित मानकों पर जोर
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को उनके गृह क्षेत्र के निकट विश्वस्तरीय, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार निजी क्षेत्र के निवेश की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बना रही है, जिससे प्रदेश में उच्च शिक्षा का उत्कृष्ट पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा सके। मंत्री ने प्रायोजक संस्था को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी आवश्यक मानकों और शर्तों को पूरा करते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
दो वर्ष में पूरी करनी होंगी अनिवार्य शर्तें
जारी आशय पत्र के अनुसार, प्रायोजक संस्था ‘ॐ श्री सांई शिक्षा समिति’ को उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत आगामी दो वर्षों के भीतर निर्धारित अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी। इसके बाद संस्था को शासन के समक्ष अनुपालन आख्या प्रस्तुत करनी होगी। विश्वविद्यालय की स्थापना की आगे की प्रक्रिया निर्धारित वैधानिक प्रावधानों और शर्तों की पूर्ति के अनुरूप आगे बढ़ेगी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित घोष भी उपस्थित रहे।




