नेपाल में बीते दिनों बड़ा विमान हादसा हुआ था। येती एयरलाइंस का विमान क्रैश हो गया, जिसमें कि पांच भारतीयों सहित 71 लोगों की मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के कारणों का पता चल गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, मानवीय त्रुटि के कारण यह विमान हादसा हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों इंजनों के प्रोपेलर पंख वाली स्थिति में चले जाने के कारण विमान ने नियंत्रण खो दिया और क्रैश कर गया।

यति एयरलाइंस की उड़ान 691 15 जनवरी को काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद पोखरा में पुराने हवाई अड्डे और नए हवाई अड्डे के बीच सेती नदी की खाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस विमान में चालक दल के चार सदस्यों सहित 72 लोग सवार थे। हालांकि, अभी तक केवल 71 शव ही बरामद हुए हैं।
पांच सदस्यीय जांच समिति के सदस्यों में से एक ने कहा कि दोनों इंजनों के प्रणोदकों के लिए पंख वाली स्थिति में आना दुर्लभ है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक ने कहा, “दुर्घटना में मानवीय कारक की अवहेलना नहीं की जा सकती। हालांकि, यह जांच का विषय है।”
रिपोर्ट में कहा गया है, “फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) के अनुसार इंजनों से संबंधित सभी रिकॉर्ड किए गए मापदंडों में कोई विसंगति नहीं दिखी।” रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “जब एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) ने 10:57:07 पर उतरने की मंजूरी दी तो पायलट फ्लाइंग (पीएफ) ने दो बार इस बात का उल्लेख किया कि इंजन से कोई पावर नहीं आ रहा है।” रिपोर्ट के मुताबिक, दुर्घटना के समय विजिबिलिटी 6 किमी थी। आसमान लगभग साफ था।
विशेषज्ञों के अनुसार, पायलटों ने अनायास ही लीवरखींचा, जिससे इंजन बंद हो गया। प्रत्येक लीवर का काम ईंधन की आपूर्ति को शुरू और बंद करना होता है। साथ ही संबंधित इंजन के लिए निष्क्रिय गति को नियंत्रित करता है। एकने कहा कि दुर्घटना स्थल पर लीवर को नीचे खींचा हुआ पाया गया।
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