NEW DELHI, INDIA - MAY 19: Former Uttar Pradesh Chief Minister and Rajya Sabha member Mayawati addresses a press conference on May 19, 2012 in New Delhi, India. She accused the Samajwadi party of indulging in political vendetta as it was ordering the probes into the work done in her tenure. (Photo by Ajay Aggarwal/ Hindustan Times via Getty Images)
लखनऊ।।बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण बिल का हर हाल में समर्थन करेगी। मंगलवार को जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि बसपा को इस बार लंबे अर्से से लटके महिला आरक्षण बिल पास होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोकसभा व राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं का आरक्षण 33 प्रतिशत देने की बजाय 50 प्रतिशत देने पर विचार किया जाना चाहिए।

बसपा सुप्रीमो ने एक बयान में कहा है कि महिलाओं के आरक्षण में से एससी, एसटी व ओबीसी वर्गों की महिलाओें का आरक्षण का कोटा अलग से सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके बिना इन वर्गों की पिछड़ी महिलाओं को सामान्य सीटों पर जल्दी मौका नहीं मिल पाएगा, क्योंकि जातिवादी पार्टियां यहां शुरू से ही इन वर्गों को किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहती हैं। इससे यह भी साबित होगा कि बीजेपी व कांग्रेस पार्टी एंड कंपनी के लोगों की जातिवादी मानसिकता अभी तक नहीं बदली है और ये इन वर्गों को अभी भी पिछड़ा बनाए रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि बिल में महिलाओं की सीटें निर्धारित करने को लेकर जो भी मापदंड तय किये जायेंगे, उसमें किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिये। यह बिल समय से भी लागू होना चाहिये। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों पर अमल नहीं किया जाता है तब भी बसपा बिल का समर्थन करेगी। वजह, यहां अभी भी सभी जाति व धर्म की महिलाओं को हर मामले में पुरुषों की तुलना में अभी तक काफी पिछड़ा बनाकर रखा गया है।
संसद भवन की शुरुआत का स्वागत
उन्होंने कहा कि पुराने संसद भवन की विदाई हो चुकी है, जिसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकता है। मुझे भी संसद के दोनों सदनों में आने का मौका मिला, जो कि सौभाग्य की बात है। उन्होंने नवनिर्मित संसद भवन की शुरुआत का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके पक्ष में बसपा सहित अधिकतर पार्टियां अपना मत दे सकती हैं।
