देश की तटीय सुरक्षा को सशक्त बनाने और नारी शक्ति को सम्मान देने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) की ‘वंदे मातरम् कोस्टल साइक्लोथान 2026’ में 65 महिला जवान पश्चिम और पूर्वी तटों पर 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
देश की तटीय सुरक्षा को सशक्त बनाने और नारी शक्ति को सम्मान देने के उद्देश्य से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) की ‘वंदे मातरम् कोस्टल साइक्लोथान 2026’ में 65 महिला जवान पश्चिम और पूर्वी तटों पर 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।
सीआइएसएफ के उप महानिरीक्षक एन प्रकाश रेड्डी के अनुसार, पश्चिमी तट पर साइक्लोथान की शुरुआत गुजरात के लखपत किले से होगी, जो दमन-दीव, महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक से होते हुए 21 फरवरी को केरल में संपन्न होगी।
वहीं पूर्वी तट पर यह अभियान पश्चिम बंगाल के हल्दिया से शुरू होकर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और तमिलनाडु से गुजरते हुए केरल के कोच्चि में समाप्त होगा।इस राष्ट्रव्यापी अभियान में कुल 150 साइक्लिस्ट भाग लेंगे, जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।
महिला जवानों की यह साइकिल यात्रा न केवल फिटनेस और अनुशासन का प्रतीक बनेगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि तटीय सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में महिलाएं पूरी तरह सक्षम और अग्रणी हैं।
28 जनवरी से 21 फरवरी तक चलने वाला यह साइक्लोथान ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर मछुआरा समुदाय को सतर्क प्रहरी बनने के लिए प्रेरित करना है।
