कांग्रेस के पूर्व सांसद शकील अहमद ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन पर हमले का आदेश दिया है, जो पटना या मधुबनी स्थित उनके आवास पर हो सकता है। राहुल गांधी को ‘डरपोक’ कहने के बाद सुर्खियों में आए शकील ने X पर एक व्हाट्सएप चैट भी साझा की, जिसमें उन्हें नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है।
कांग्रेस के पूर्व सांसद शकील अहमद ने चौंकाने वाला दावा किया है। शकील का कहना है कि उनकी जान को खतरा है। उन्हें कांग्रेस में मौजूद सहयोगियों ने गुप्त रूप से ये जानकारी दी है।
बिहार से 3 बार विधायक और 2 बार सांसद रहे शकील अहमद ने पिछले दिनों राहुल गांधी को ‘डरपोक’ करार दिया था, जिसके बाद से ही शकील सूर्खियों में हैं। वहीं, अब उन्हें अपनी मौत का डर सता रहा है।
शकील अहमद का दावा
शकील अहमद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उनपर हमले के आदेश दिए हैं। पटना या मधुबनी स्थित उनके आवास पर इस हमले को अंजाम दिया जा सकता है।
शकील अहमद के अनुसार,
ये लोकतंत्र के सिद्धांतों के सख्त खिलाफ है।
व्हाट्सएप चैट शेयर की
X पर एक अन्य पोस्ट शेयर करते हुए शकील अहमद ने व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट साझा किया है। इसमें एक व्यक्ति को राहुल गांधी के बारे में अपशब्द कहने के लिए शकील अहमद को मारने की बात की जा रही है।
ये चैट शेयर करते हुए शकील ने लिखा, “अब तो मेरी जानकारी बिल्कुल सही साबित हुई। कांग्रेस के पुराने साथियों का बहुत धन्यवाद। हमारे बिहार में एक कहावत कि पुराने दोस्त ही काम आते हैं। क्या यह राहुल जी के आदेश के बिना हो रहा है?”
शकील के बयान पर बढ़ा विवाद
शकील अहमद के अनुसार, उन्हें कांग्रेस के कई सहयोगियों के लगातार फोन आ रहे हैं कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हमले का आदेश मिला है। शकील ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या इसके पीछे राहुल गांधी का हाथ नहीं है? शकील के अनुसार, बेशक राहुल गांधी पर दिया गया उनका बयान गलत हो, लेकिन उन्हें अपने विचार रखने का पूरा अधिकार है और इसमें उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
शकील अहमद ने क्या कहा था?
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे शकील अहमद ने शनिवार को राहुल गांधी को डरपोक और असुरक्षित नेता करार देते हुए आरोप लगाया कि वह केवल उन युवा नेताओं को बढ़ावा दे रहे हैं जो पार्टी में उनका गुणगान करते हैं, उनकी चापलूसी करते हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र न होने का दावा किया है।
उन्होंने राहुल को तानाशाही और गैर-लोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ सहयोगियों की बात नहीं सुनते और ऐसा सोचते है कि पार्टी अपनी राष्ट्रीय मौजूदगी के कारण दूसरे स्थान से नीचे नहीं जा सकती।
पिछले साल छोड़ा था कांग्रेस का साथ
बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद शकील अहमद ने कांग्रेस छोड़ दी थी। वो तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। शकील 2000 से 2003 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं।
