बॉलीवुड में कुछ फिल्मी परिवारों का जिक्र अक्सर होता है। कई पॉपुलर एक्टर और एक्ट्रेस के परिवार के सदस्य का भी इंडस्ट्री से गहरा नाता रहता है। 70 से 80 के दशक में लीड एक्टर की तरह विलेन के किरदार की भी चर्चा होती थी। आज के समय में बॉबी देओल, अर्जुन कपूर और सैफ अली खान जैसे स्टार्स बड़े पर्दे पर खलनायक का किरदार निभा चुके हैं। आज बात एक ऐसे पॉपुलर विलेन की कर रहे हैं, जो रिश्ते में रवीना टंडन के मामा लगते थे।
बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रवीना टंडन किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। एक्ट्रेस की बेटी राशा थडानी ने अमन देवगन के साथ आजाद फिल्म से डेब्यू किया। फिल्म के गाने को बेशुमार प्यार मिला, लेकिन मूवी ओटीटी पर हिट साबित नहीं हो पाई। सिनेमा लवर्स जानते होंगे कि रवीना के मामा बड़े पर्दे पर एक खुंखार विलेन के किरदार की भूमिका निभा चुके हैं। कई बिग स्टारर फिल्म में उनकी एक्टिंग का टैलेंट देखने को मिला है।
रवीना के मामा थे बॉलीवुड के जाने-माने विलेन
मैक मोहन का नाम सुनते ही उनके करियर की कुछ हिट फिल्मों का नाम याद आ जाता है। अभिनेता का जन्म 1938 में कराची (तब भारत का हिस्सा) में हुआ था। उनका असली नाम मोहन मखीजानी था, लेकिन दोस्तों और फिल्मी दुनिया से जुड़े लोग उन्हें प्यार से मैक मोहन के नाम से बुलाते थे। उनके बारे में कहा जाता है कि उन्हें क्रिकेट का शौक था और इस सपने को पूरा करने के लिए वह मुंबई आए थे।
बॉलीवुड के पॉपुलर विलेन कैसे बने?
मैक मोहन के बारे में बता दें कि मुंबई आने के बाद क्रिकेट के साथ उनकी रुचि थिएटर में भी बढ़ गई थी। एक नाटक के दौरान थिएटर कलाकार शौकत कैफी ने उनके अंदर के टैलेंट को पहचाना और उन्हें एक्टिंग में लक आजमाने की सलाह दी। धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में काम मिलना शुरू हो गया था।
शोले में निभाया था यह किरदार
बॉलीवुड की सदाबाहर फिल्मों का जिक्र होता है, तो शोले का नाम जरूर लिया जाता है। रमेश सिप्पी की इस मूवी से जुड़े कुछ रोचक किस्से भी अक्सर सुनने को मिलते हैं। मैक मोहन इस फिल्म में विलेन के किरदार में नजर आए थे। वैसे तो अभिनेता 200 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके थे, लेकिन उनकी असली पहचान साल 1975 में आई शोले फिल्म बन गई। इसमें उन्होंने सांभा का किरदार निभाया, जो कम डायलॉग होने के बाद भी लोगों के दिलों में बस गया।
2010 में दुनिया को कहा अलविदा
हिंदी सिनेमा में लगभग पांच दशक तक बेहतरीन काम करने के बाद साल 2010 में कैंसर के कारण मैक मोहन का निधन हो गया। 72 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी फिल्मों का जिक्र आज भी सिनेमा लवर्स के बीच चलता है।