काशी की पावन भूमि से शिक्षा में नई क्रांति, मुख्यमंत्री योगी ने किया मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ
12 लाख शिक्षकों-आश्रितों को मिलेगा कैशलेस इलाज, 1.10 करोड़ बच्चों को डीबीटी से 1200 रुपए हस्तान्तरित
एसबीआई के साथ एमओयू, 10 लाख शिक्षकों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा कवच, राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत 12 विद्यालय सम्मानित
कैशलेस चिकित्सा से लेकर बीमा कवच तक : काशी में शिक्षकों के कल्याण का नया अध्याय
शिक्षक केवल पाठ्य पुस्तक नहीं पढ़ाता, राष्ट्र का भविष्य गढ़ता है
ड्रॉपआउट 15% से घटकर 3% से नीचे आया – मंत्री संदीप सिंह
वाराणसी / लखनऊ, 08 जुलाई, 2026 ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को दीनदयाल हस्तकला संकुल, वाराणसी में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 12 लाख शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने वाली ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया। साथ ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल-बैग एवं स्टेशनरी हेतु उनके अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी 1,200 रूपये का अंतरण किया।
कार्यक्रम में 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने हेतु स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू का निष्पादन हुआ तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों/प्रधानाध्यापकों का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि आज काशी की पावन भूमि से, जहाँ अध्यात्म और ज्ञान एक-दूसरे के पूरक बनकर मानवता का मार्ग प्रशस्त करते हैं, हमारी सरकार ने शिक्षकों के कल्याण का नया अध्याय शुरू किया है। ज्ञान ही वह प्रकाश है जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र तीनों का मार्ग आलोकित करता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का विश्वास है कि शिक्षक केवल पाठ्य पुस्तक नहीं पढ़ाता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य को गढ़ता है। आज का शिक्षक बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभक्ति जागृत कर रहा है। इसलिए हमारी सरकार ने शिक्षकों के अच्छे कार्यों को सम्मान देने और उनकी चिंताओं को दूर करने का संकल्प लिया है।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक परिवार की मांग थी कैशलेस चिकित्सा सुविधा की। आज वह शुभ घड़ी आ गई है। मुख्यमंत्री के करकमलों से ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ हुआ है। यह केवल योजना नहीं, बल्कि लाखों शिक्षक और उनके परिवार के लिए सरकार का सहारा है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिवार के 12 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक चिंताओं से मुक्त होगा, तभी वे निर्बाध रूप से बच्चों का भविष्य संवार सकेंगे। अब इलाज के लिए किसी शिक्षक को चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
शिक्षकों-संविदाकर्मियों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। यह केवल जीवन बीमा तक सीमित नहीं है। इसके तहत ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस, पर्सनल डिसेबिलिटी कवर और एयर एक्सीडेंट कवर मिलेगा। साथ ही शिक्षककर्मियों के बच्चों की शिक्षा हेतु सहायता तथा पुत्रियों के विवाह हेतु भी ऐड-ऑन कवर का प्रावधान किया गया है। किसी भी अनहोनी में उत्तर प्रदेश सरकार आपके साथ खड़ी मिलेगी।
संदीप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डीबीटी व्यवस्था से बिचौलियों को समाप्त कर लाभ सीधे लाभार्थी तक पहुंचाया जा रहा है। आज मुख्यमंत्री के करकमलों से 1.10 करोड़ बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200 रूपए की धनराशि भेजी गई। इससे अभिभावक ड्रेस, जूते-मोजे, स्टेशनरी, बैग और स्वेटर की व्यवस्था कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय योजना’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 12 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर पर ‘स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार’ मिला है। वर्ष 2017 से पहले हमारी कल्पना से बाहर था कि परिषदीय विद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत होंगे। 2017 में ड्रॉपआउट 15% था, आज 2026 में यह 3% से भी नीचे आ गया है। हमने हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ा। बेटियों के लिए सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 12वीं तक उच्चीकृत कर दिया है। जिन ब्लॉकों में केजीबीवी नहीं हैं, वहाँ नए बालिका विद्यालय बनाए जाएंगे।
