उत्तर प्रदेश

दुबग्गा के तुलसीखेड़ा में एस्टीमेट ट्रांसफार्मर लगाने पर एलटी अभियंताओं की भूमिका सवालों के घेरे में।

दुबग्गा के तुलसीखेड़ा में एस्टीमेट ट्रांसफार्मर लगाने का मामला, एलटी अभियंताओं की भूमिका पर उठे सवाल

लखनऊ। अमौसी जोन के दुबग्गा क्षेत्र स्थित गमला फैक्टरी, तुलसीखेड़ा में एस्टीमेट ट्रांसफार्मर लगाए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में एलटी अभियंताओं की भूमिका सवालों के घेरे में है।

आरोप है कि विभागीय अभियंताओं के संरक्षण में बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए विद्युत कार्य कराया जा रहा है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए किस अधिकारी ने अनुमति दी और इसका एस्टीमेट कहां तैयार हुआ? कनेक्शन किस आधार पर जारी किया गया और विभाग में इसकी वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति किस स्तर से मिली? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

इसके साथ ही मीटर की स्थिति भी जांच के दायरे में होनी चाहिए। आशंका जताई जा रही है कि यदि मीटर परिसर के अंदर लगा है तो रीडिंग स्टोर होने अथवा वास्तविक खपत दर्ज न होने की संभावना की भी तकनीकी जांच की जानी चाहिए।

स्थानीय स्तर पर बिना एस्टीमेट कार्य कराए जाने के आरोपों ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं अधिशासी अभियंता अमित आनंद की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।

अब देखना यह है कि अमौसी जोन के वरिष्ठ अधिकारी गमला फैक्टरी प्रकरण में ट्रांसफार्मर स्थापना, कनेक्शन, एस्टीमेट, मीटर की लोकेशन और बिजली खपत की निष्पक्ष जांच कराते हैं या मामला विभागीय फाइलों तक ही सीमित रह जाता है।

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