योगी सरकार का किसानों के हित में बड़ा कदम
योगी सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा! प्रदेश की मंडियों का होगा आधुनिकीकरण, सुविधाओं में होगा विस्तार

लखनऊ। योगी सरकार की पहल से प्रदेश की मंडियों में किसानों एवं व्यापारियों को उपलब्ध सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं के अनुरूप मंडी परिसरों में कृषि उपज के आवागमन, भंडारण, नीलामी और तौल से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत आंतरिक सड़कों, दुकानों, गोदामों, पेयजल, जलनिकासी और प्रकाश व्यवस्था में सुधार के साथ मौजूदा संसाधनों का उच्चीकरण भी होगा। इससे मंडियों में कृषि उपज के विपणन की व्यवस्थाएं अधिक सुगम और सुव्यवस्थित होंगी।

उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने इसके लिए 26.50 करोड़ रुपये के 33 कार्यों को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इनमें 21.34 करोड़ रुपये से विभिन्न मंडी परिसरों की आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, जबकि 5.16 करोड़ रुपये से प्रदेश की 48 मंडियों में स्थापित 71 पुराने वे-ब्रिजों का नवीनीकरण एवं क्षमता वृद्धि होगी।
गाजीपुर, बुलंदशहर और उरई में बड़े कार्य, सड़कों से गोदामों तक होगा सुधार
स्वीकृत कार्यों में गाजीपुर की यूसुफपुर मंडी में लगभग 5.37 करोड़ रुपये से व्यापक विकास कार्य कराए जाएंगे। यहां 500-500 मीट्रिक टन क्षमता के तीन गोदामों की छतों का नवीनीकरण, आंतरिक हॉटमिक्स सड़कों का सुदृढ़ीकरण, दुकानों एवं चहारदीवारी की मरम्मत, बैठक कक्ष, जल भंडारण टैंक और जलनिकासी संबंधी कार्य होंगे। इसी प्रकार बुलंदशहर मंडी में लगभग 4.94 करोड़ रुपये से आंतरिक सड़कों एवं नीलामी चबूतरों के सुधार के साथ जलभराव की समस्या के समाधान के लिए सम्पवेल, पंप हाउस, पाइपलाइन एवं पंपिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

जालौन की उरई मंडी में लगभग 2.11 करोड़ रुपये से विभिन्न श्रेणियों की 244 दुकानों, 11 कैंटीन और विपणन प्रयोगशाला की मरम्मत एवं रंगाई-पुताई होगी। नौ नीलामी चबूतरों की पुरानी छतों पर लगी एसी शीट के स्थान पर नई प्रोफाइल शीट लगाई जाएगी। नीलामी चबूतरे के फर्श का भी सुधार किया जाएगा।
झांसी की तालपुरा मंडी में लगभग 1.52 करोड़ रुपये से नीलामी चबूतरों, पल्लेदार शेड, प्रकाश एवं पेयजल सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण होगा। यहां मौजूदा संरचनाओं में पार्टिशन लगाकर अस्थायी भंडारण एवं दुकानों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे उपलब्ध मंडी परिसंपत्तियों का अधिक उपयोग संभव होगा।
बागपत की बड़ौत मंडी में लगभग 1.32 करोड़ रुपये से 70 दुकानों, नीलामी चबूतरों, कार्यालय भवन, प्रवेश द्वार एवं जलनिकासी व्यवस्था का सुधार होगा। ललितपुर के मड़ावरा उपमंडी स्थल में लगभग 1.27 करोड़ रुपये से आंतरिक सड़कों, चहारदीवारी एवं दुकानों की छतों की मरम्मत होगी। औरैया के याकूबपुर उपमंडी स्थल में लगभग 1.04 करोड़ रुपये से 100-100 मीट्रिक टन क्षमता के दो गोदामों, नीलामी चबूतरों, दुकानों, सड़कों, नालियों, पेयजल टंकी एवं शौचालय की मरम्मत कराई जाएगी।
कानपुर की चकरपुर फल-सब्जी मंडी में लगभग 52.61 लाख रुपये से चहारदीवारी, इंटरलॉकिंग एवं दुकानों की छतों का सुधार होगा। नौबस्ता और उत्तरीपुरा मंडियों में प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी। इसके अतिरिक्त अयोध्या, बाराबंकी, महोबा और कौशांबी सहित अन्य मंडियों में दुकानों, कार्यालय भवनों एवं चहारदीवारी की मरम्मत के कार्य होंगे। बहराइच, सीतापुर, रामपुर, तुलसीपुर, नौगढ़ और देवरिया सहित विभिन्न मंडी स्थलों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट एवं विद्युत उपकरणों से संबंधित कार्यों को भी स्वीकृति मिली है।
71 पुराने वे-ब्रिजों के आधुनिकीकरण से सुदृढ़ होगी निःशुल्क तौल व्यवस्था
मंडी परिषद ने कृषि उपज की तौल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है। प्रदेश की 48 मंडियों एवं उपमंडी स्थलों में 10 वर्ष से अधिक पुराने 71 वे-ब्रिजों के नवीनीकरण, क्षमता वृद्धि एवं उच्चीकरण के लिए 5 करोड़ 15 लाख 86 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

विशेष बात यह है कि मंडी परिषद के वे-ब्रिजों पर कृषि उपज की तौल की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क है। किसान अपनी उपज की तौल बिना किसी शुल्क के करा सकते हैं। ऐसे में पुराने वे-ब्रिजों के आधुनिकीकरण से इस निःशुल्क सुविधा को और सुदृढ़ किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने पर विशेष रूप से अधिक आवक के दौरान किसानों को बेहतर तौल सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे किसानों को बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपनी उपज की तौल कराने में सहूलियत मिलेगी।
मंडी परिषद के निदेशक श्री जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मंडियों की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। किसान जब अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, तो उसे आवागमन, नीलामी, भंडारण और तौल जैसी आवश्यक सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हों। इसी दिशा में स्वीकृत विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाएगा।




