फर्क इंडिया
डेस्क. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश के अमेठी यानी अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर हैं। इस दौरान बातचीत में उन्होंने गांधी परिवार पर हमला करते हुए कहा कि वो गांधी परिवार की दुखती रग हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस की अमेठी में अंतर भी बताया।
अमेठी में हुए विकास कार्यों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “यहां पर कई तरह के निवेश हुए हैं. मैंने अमेठी की जनता से वादा किया था कि किसी सांसद ने अपने राजनीतिक इतिहास में कभी कोई घर नहीं बनाया। मेरा संकल्प पूरा हुआ कि मैंने अपने परिवार के लिए अपना घर बनाया। परिवार का मतलब वो नहीं जिनसे मेरा खून का रिश्ता है, इसका मतलब वो लोग हैं जिन्होंने मुझे अपना माना।
उन्होंने आगे बताया कि बोइंग नाम की कंपनी ने सीटी स्कैन की मशीन अमेठी को समर्पित की है. यहां पर एक संस्था ने स्कूल के बच्चों के लिए किताबें पढ़ने की व्यवस्था की है। गांधी परिवार के बारे मे बात करते हुए वो कहती हैं कि गांधी परिवार का यहां होने का मतलब अमेठी का उत्थान कभी नहीं था। उन लोगों ने गरीबों की झोपड़ियों में जाकर सिर्फ फोटो खिंचवाए.
‘गांधी परिवार की दुखती रग हूं मैं’
स्मृति ईरानी ने कहा, “गांधी परिवार की मैं दुखती रग हूं. जिस बेटे को उनकी माताजी एक अलग दृष्टिकोण से देखती हैं। उस बेटे को मात देने वाली साधारण परिवार की मैं औरत हूं. इस बार भी जब मैं सदन बोली तो श्रीमती गांधी ने सभी को बोला कि बोलो इस पर चिल्लाओ. मैंने सामने देखा है कि बोलो चिल्लाओ. मीडिया दिखाती है कि सोनिया जी बड़ी सभ्य हैं।
केंद्रीय मंत्री नें दोनों पार्टियों की अमेठी में तुलना करते हुए कहा, “ये वो लोकसभा क्षेत्र है जहां पर तीन विपक्षी राजनीतिक दलों ने चुनाव लड़ा. वो तीन थे हम एक. 2019 के चुनाव से पहले एक लाख 23 हजार लोगों के घरों में कभी बिजली का कनेक्शन नहीं पहुंचा था। अमेठी जैसे गढ़ में जहां पर कांग्रेस के दिग्गज चुनाव लड़े वहां इतनी तादात में बिना बिजली के घर थे।
उन्होंने आगे कहा कि कोई ये कल्पना नहीं कर सकता था कि 3 लाख से ज्यादा परिवारों के घरों में अपना शौचालय नहीं था। देश की अन्य जगहों पर तो कह सकते थे कि हां नहीं है लेकिन अमेठी के बारे में कोई ऐसा सोच भी नहीं सकता था क्योंकि गांधी परिवार लगातार यहां से चुनाव जीता।