जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार के लिए आज टीम- 09 की अध्यक्षता करते हुये कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में बैठक की।
बैठक में जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि कोरोना से जंग में काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग/वैक्सीलेशन अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। मरीजों को दवाई, आॅक्सीजन, बेड तथा एम्बुलेंस की कमी न होने पाए। सभी अस्पतालों में सभी उपकरण क्रियाशील स्थिति में रहें। उन्होंने कहा कि इस बात का विशेष ध्यान दिया जाये कि गांवों में अधिक से अधिक वैक्सीनेशन हो।
जिलाधिकारी ने बताया कि 18 वर्ष से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण 01 जून से शुरू हो रहा है। उन्होंने ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद में की जा रही टेस्टिंग, काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग, एम्बुलेंस की व्यवस्था, संक्रमित/संदिग्ध मरीजों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने की व्यवस्था, निगरानी समितियों द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण करते रहें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मौजूद वेंटिलेटर्स तथा आॅक्सीजन कन्सेंट्रेटर्स की क्रियाशीलता, आॅक्सीजन आदि की उपलब्धता को सुनिश्चित करें। उन्होंने संक्रमित/संदिग्ध कोरोना मरीजों को तत्काल मेडिकल किट उपलब्ध कराकर उनका तत्काल उपचार शुरू करायें।
जिलाधिकारी ने टीकाकरण के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निगरानी समितियों को टेस्टिंग के माध्यम से मरीजों का पता लगाकर और उन्हें उपचारित कर पाॅजिटिविटी रेट को कम करने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पाॅजिटिव/लक्षणयुक्त मरीजों को होम आइसोलेशन में रखते हुए निगरानी समितियों के माध्यम से तत्काल मेडिसिन किट उपलब्ध कराकर उनका उपचार सुचारू रूप से किया जाये। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण को रोकने के लिए टीकाकरण के लक्ष्य को बढाया जाये।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आशुतोष कुमार, उप जिलाधिकारी/ प्रभारी कंट्रोल रूम, श्री अंकित शुक्ला सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

Fark India | National Hindi Magazine Hindi Magazine and Information Portal