बंगाल की खाड़ी से आज शाम चक्रवाती तूफान रेमल टकराने वाला है। बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी के ऊपर ‘डीप डिप्रेशन’ बनने के चलत तेज हवाएं चलेंगी। आईएमडी के अनुसार, रविवार आधी रात इसके गंभीर चक्रवाती तूफान (एससीएस) में परिवर्तित होने की संभावना है, जो बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल तटों के बीच से गुजरेगा।
आईएमडी (IMD Weather Forecast) ने भयंकर तूफान की चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि तूफान से तटीय पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में बाढ़ आने की संभावना है और बांग्लादेश के तटीय इलाकों में भूस्खलन भी हो सकता है।
ओडिशा और बिहार का बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में इस तूफान के चलते इससे सटे राज्यों में मौसम बदलेगा। इसका असर बिहार और ओडिशा में मुख्य रूप से दिखेगा। यहां के लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, क्योंकि तापमान में भारी गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
यहां होगी झमाझम बारिश
26 मई की आधी रात को पश्चिम बंगाल के तट पर तूफान तेज होने के चलते झमाझम बारिश होने की संभावना है। इसी के साथ मिजोरम, त्रिपुरा और दक्षिण मणिपुर, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी तेज बारिश आ सकती है।
बंगलादेश में 135 किमी की रफ्तार से चलेंगे हवाएं
पश्चिम बंगाल के तट से तूफान रेमल टकराने के बाद बंगलादेश के तटों पर पहुंचेगा। 110-120 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के साथ एक गंभीर चक्रवाती तूफान बांग्लादेश और आसपास के पश्चिम बंगाल तटों को पार करेगा।
केंद्र ने बंगाल सरकार को दिया मदद का आश्वासन
चक्रवात के प्रकोप से बिजली और दूरसंचार लाइनें भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। इस बीच, चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक हुई। कैबिनेट सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार को आश्वासन दिया सभी केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने 12 टीमों को तैनात किया है और पांच अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। जहाजों और विमानों के साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की बचाव और राहत टीमों को तैयार रखा गया है।
Fark India | National Hindi Magazine Hindi Magazine and Information Portal