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खाना खाने के बाद सोना सेहत के लिये होगा सही, आयुर्वेद से जानें पूरी बात

फर्क इंडिया

डेस्क. अधिकतर लोग दोपहर में भोजन करने के बाद 2-3 घंटे सोना पसंद करते हैं, खासकर गर्मियों के मौसम में. सुबह से लेकर दोपहर तक घर के अलग-अलग कामों को करने के बाद लोग थकान महसूस करने लगते हैं. इसलिए अक्सर लंच करने के बाद उन्हें झपकी आने लगती है. आयुर्वेद की मानें तो खाना खाने के बाद तुरंत सोने की गलती कभी नहीं करने चाहिए। क्योंकि इससे सेहत और शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर आपको हमेशा खाना खाने के बाद नींद लगने लगती है और आप सोए बिना नहीं रह पाते तो कुछ जरूरी बातों के बारे में जरूर जान लें.

भोजन करने के बाद तुरंत सोने की मनाही इसलिए होती है, क्योंकि इससे शरीर में फैट और वॉटर एलिमेंट बढ़ सकता है। आपका डाइजेस्टिव सिस्टम खराब हो सकता है। मेटाबॉलिज्म कमजोर पड़ सकता है। डायबिटीज, मोटापा, वजन बढ़ना और कोलेस्ट्रॉल की प्रॉब्लम हो सकती है. आयुर्वेद के मुताबिक, जो लोग ज्यादा शारीरिक श्रम करते हैं, जैसे- बूढ़े और बच्चे, वो लोग 48 मिनट की नींद ले सकते हैं। जिन लोगों ने दोपहर में खाना नहीं खाया है, वो लोग भी सो सकते हैं।

वज्रासन में बैठें

आयुर्वेद कहता है कि खाने के तुरंत बाद सोने के बजाय लोगों को 15-20 मिनट के लिए वज्रासन में बैठना चाहिए. क्योंकि इससे खाना जल्दी पचता है, मेटाबॉलिज्म हेल्दी बना रहता है और आपको एसिडिटी, इनडाइजेशन, कब्ज और ब्लोटिंग की प्रॉब्लम भी नहीं होती. खाना खाने के बाद आप 100 कदम चहलकदमी करना भी चुन सकते हैं। ध्यान रहे कि भोजन करने के बाद आपको कोई भी हैवी एक्सरसाइज नहीं करनी है। सिर्फ टहलना या चहलकदमी करना है। दोपहर में लंच के बाद हमेशा बांईं करवट लेकर सोएं.

जब भी आप हैवी लंच या डिनर करें तो उसके बाद तुरंत सोने की गलती न करें. अगर आप यह गलती बार-बार दोहराते हैं तो आपको कई शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं और गंभीर बीमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है।